दोहे -वीर एवं फाग by रेखराज स्वामी

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दोहे

रेखराज स्वामी

कोटा राजस्थान

वीर शहीदों को नमन , करलेंं फिर से आज
लहू बहाया देश हित , उन पर हमको नाज

मस्तक ऊंचा देश का , करते हैं जाँबाज
 टीका उनके नाम का, हमें लगाना आज

हरपल हरदम हर बहन , गाये मंगल गीत
जीवन की हर जंग में , हो भाई की जीत

टीका भाई भाल पर , है बहना का प्यार
बहन दुआओं से भरा , यह पावन त्योहार

बदले में इस प्यार के , क्या दे हम उपहार
जो कुछ अपने हाथ है , वो तो है तृणभार

डाल मूल फल पात सब , मस्त मगन हर अंग
नज़र नज़र रंगीन है , चढा़ फाग का रंग

राह निहारे प्रीत से , गोरी गोरे गाल
आयेंगे मनमीत अब, मलने हमें गुलाल

लाल गुलाबी सहित सब, रंगों की बौछार
प्रीत रंग बिन साथिया , लगे सभी बेकार

प्रीत मेघ बरसे सदा , सब मिल खेलें फाग
रोम रोम पुलकित रहे , बना रहे अनुराग

आओ प्रियतम साहिबा , हमें लगाओ रंग
मधुर छुअन से आपकी , महक उठे हर अंग

रेखराज – स्वामी
कोटा – राजस्थान

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