सुनो ,माँ जग क्या कहता है A beautiful Poemby राजकुमार

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राजकुमार 

एम.फिल(इतिहास),बी.एड
समाजिक शिक्षा अध्यापक
सरकारी सीनीयर सकेंडरी स्कूल,बल कलां,अमृतसर ।
गृह-पता : 214,डायमंड एवेन्यू,मजीठा रोड ,अमृतसर
9592968886

 

सुनो ,माँ जग क्या कहता है
वो कह रहे हैं..आज माँ दिवस है
तेरा खास दिवस है कोई
इतना तो बतला दे माता..???
जगह-जगह है तेरा पसारा
धरा पे सारा जगत-ख़िलारा
तेरा ही है सृजन यह सारा..
तेरी उंगली थाम के जग में
स्वयं जगत का ..चले विधाता
तेरा खास दिवस है कोई
इतना तो बतला दे माता..
पल-पल प्रसव की पीड़ा उभरे
पल-पल नवजीवन जो उतरे
पल-पल किलकारी जो गूंजे
सरगम बंधा कोई नभ नितरे
पल-पल तुझे आलिंगन करता
नवशरीर में ..कोई दाता
तेरा खास दिवस है कोई
इतना तो बतला दे माता…
जीव जगत की इक-इक धड़कन
तेरे सांसो से,जीवन पाती..
तोता और मैना बन उड़ती
कोयल बनकर कहीं है गाती..
तेरे गर्भ से चींटी उठती..
कहीं सिंह ..है प्राण को पाता…
तेरा कोई खास दिवस है
इतना तो बतला दे माता…
तेरी हर तस्वीर से मैंने
अति विराट पनपते देखा..
लोरी,गीता और कुरान में
तेरा बोल खनकते देखा..
तेरी कोख से रास को लेकर
कान्हा वृन्दावन था आया
तेरी ही मिट्टी से माता..
नानक ने जपुजी था गाया
जीसस में मरियम बन लटकी
तू ही राधा की वो मटकी
फोड़ जिसे मोहन था जाता..
तेरा कोई खास दिवस है..
इतना तो बतला दे माता…
✒राज

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