आओ दोहे लिखें by Dr Purnima Rai

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-दोहा छंद—-

परिचय एवं विधान

दोहा छंद अर्द्ध सम मात्रिक छंद है।
मात्रिक छंद में मात्राओं की गणना की जाती है ।
इस छंद के विषम चरणों (प्रथम एवं तृतीय)में 13–13मात्रायें एवं सम चरणों (द्वितीय एवं चतुर्थ) में 11-11मात्रायें होती है।
सम चरणों के अंत में गुरु और लघु यानि 21 मात्रा का विधान अनिवार्य है।विषम चरणों में यति से पहले वाला वर्ण क्रम लघु गुरु यानि 12 अनिवार्य है।

उदाहरण—-
11 22   2    212,   2  211    2   21
सतसैया के दोहरे, ज्यों नावक के  तीर।

211   2   22  12,  21  12   221
देखन  में छोटे  लगे, घाव करें गंभीर।।

(बिहारी सतसई एवं बिहारी जी के दोहों पर लिखा खूबसूरत दोहा सदैव दोहों की महत्ता ब्याँ करता है ।)

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