हाइकु और हाइगा by Dr Purnima Rai

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हाइगा क्या है?

  • जब हाइकु को किसी तस्वीर पर लिखा जाता है तब वह हाइकु नहीं हाइगा कहलाता है।..दूसरे शब्दों में.हाइकु की अभिव्यक्ति जब चित्रात्मकता का आवरण ओढ़ लेती है तब हाइगा बनता हैं।याद रहे हाइकु महज 5+7+5 वर्णों का ही खेल नहीं है ,वरन् इसमें सार्थक बिंब होते हैं जो जीव,जगत और प्रकृति से लिये जाते हैं।सामान्य रूप से लोग एक पंक्ति को तीन टुकडों में बाँटकर लिखने को हाइकु समझ लेते हैं,ऐसा मत कीजिये।हाइकु में लय है,गति है तीनों चरण कभी अपना-अपना अलग अस्तित्व भी रख सकते हैं और कभी तीनों चरण आपस मेंं इस प्रकार संबंधित होते हैं कि सामान्य से अलग  व्यापक  अर्थ ध्वनित होने लगता है …

  • हाइगा पर जो शब्द हाइकु  के रुप में चित्रित यां अंकित रहते हैं ,वह चित्र के साथ इन्साफ करते हों…..

 

नोट…अगर हाइकु का विशाल रूप समझना हो तो आ.रामेश्वर काम्बोज हिमांशु जी एवं डॉ.हरदीप कौर संधू जी द्वारा साहित्यिक दिशा में चलाया हाइकु अभियान

hindihaiku.wordpress.com पर ज़रा घूम कर आईयेगा….आनंद के सागर में मन तरंगित हो जायेगा….

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