ऐ भाई बुरा ना मानो होली है।

0
32

ऐ भाई बुरा ना मानो होली है।
________________________
देश में बहुते चर्चें है, इस नये रोजगार की।
अनलिमिटेड भर्ती निकली भाई चौकिदार की।
जोगीरा सारा रा रा रा रा रा रा रा रा रा रा रा रा।

बेटा मांगे कमल की वोट बाप जुड़ा लालटेन से।
घर का खर्चा चलने लगा नेता जी के देन से।
जोगीरा सारा रा रा रा रा रा रा रा रा रा।
आज बिरज में होली हैं रसिया।
आज बिरज में होली हैं रसिया

अपने ही फ्यूचर को करते युवा कैसे नाश।
मोदी राहुल की तसबी जो पढते हैं दिन रात।
जोगीरा सारा रा रा रा रा रा रा रा रा रा रा।

पलटु काका पलटी ना मारे चारा चोर के साथ।
फेसबुक पर करते हैं कुछ गदहे वाली बात।
जोगीरा सारा रा रा रा रा रा रा रा रा रा।
आज बिरज में होली हैं रसिया।
आज बिरज में होली हैं रसिया



जियाउल हक।
सारण बिहार

Loading...
SHARE
Previous articleहोली के हुड़दंग का,बड़ा अजब है हाल!
Next articleरंगरेज़: रंग था गिरगिट जैसा
अचिन्त साहित्य (बेहतर से बेहतरीन की ओर बढ़ते कदम) यह वेबसाईट हिन्दी साहित्य--गद्य एवं पद्य ,छंदबद्ध एवं छंदमुक्त ,सभी प्रकार की साहित्यिक रचनाओं का रसास्वादन करवाने के साथ-साथ,प्रत्येक वर्ग --(बाल ,युवा एवं वृद्ध ) के पाठकों के हिन्दी ज्ञान को समृद्ध करने एवं उनकी साहित्यिक जिज्ञासा का शमन करने हेतु प्रयासरत है। हिन्दी भाषा,साहित्य एवं संस्कृति के विपुल एवं अक्षुण्ण भंडार में अपना साहित्यिक योगदान डालने,समाज एवं साहित्य के प्रति अपने दायित्व का निर्वाह करने हेतु यह वेबसाईट प्रतिबद्ध है। साहित्य,समाज और शिक्षा पर केन्द्रित इस वेबसाईट का लक्ष्य निस्वार्थ हिन्दी साहित्य सेवा है। डॉ.पूर्णिमा राय, शिक्षिका एवं लेखिका, अमृतसर(पंजाब)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here