चलो अब खेलने होली!!

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चलो अब खेलने होली !

चलो अब खेलने होली ,
कसर सारी निकालेंगे ।
रहे थे देखते जिसको ,
उसे रंग आज डालेंगे ।।

करे तन मन सभी गीला ,
सुनो आई यहाँ होली ।
गुलालों से अधर रंग दे ,
रंगे हम आज तो चोली ।।

सभी को तरबतर करने ,
चली है आज अब टोली ।
खिलाओ भांग गुझिया भी ,
मनाये आज हम होली ।।

करो हुड़दंग इतना अब ,
गुलालों से सजाना है ।
कपोलों पर सुनो उसके ,
रंगीली शाम लाना है ।।

होलिकोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं

डॉ अरुण कुमार श्रीवास्तव अर्णव

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