काम देश के आई जवानी!!

0
10

काम देश के आई जवानी!!

चुन – चुन कर आतंकी मारे ।
ध्वस्त किए गढ़ उनके सारे ।
देकर के मुंहतोड़ जवाब ।
पुलवामा का किया हिसाब ।

व्यर्थ न गई कोई कुर्बानी ।
काम देश के आई जवानी ।

हाहाकार मचा दुश्मन में ।
आतंकी भयभीत हैं मन में ।
खुद को कैसे ,कहां सम्हालें?
धरी रह गईं सारी चालें ।

वीरों ने है लिखी कहानी।
काम देश के आई जवानी ।

जो खुद को जेहादी मानें ,
मर्म धर्म का वे न जानें।
निर्दोषों का रक्त बहाकर ।
जलेंगे खुद भी आग लगाकर ।

है इनका जीना बेमानी ।
काम देश के आई जवानी ।

फैला भारत का परचम है ।
इसके वीरों में दमखम है ।
भारत माता ! अपनी जननी !
प्रेम वीरता का संगम है ।

रोम – रोम इसका नूरानी।
काम देश के आई जवानी ।

 

Dr.shashi joshi

डॉ .शशि जोशी “शशी”
जी.जी. एच.एस.एस.
बांगीधार , सल्ट अल्मोड़ा
उत्तराखंड पिन 263676
मोबाइल 9927555716

Loading...
SHARE
Previous articleवीर रक्षक जाग!!
Next articleबीती बातें सारी भूलो गुल दिल का महकाना कर लो।
अचिन्त साहित्य (बेहतर से बेहतरीन की ओर बढ़ते कदम) यह वेबसाईट हिन्दी साहित्य--गद्य एवं पद्य ,छंदबद्ध एवं छंदमुक्त ,सभी प्रकार की साहित्यिक रचनाओं का रसास्वादन करवाने के साथ-साथ,प्रत्येक वर्ग --(बाल ,युवा एवं वृद्ध ) के पाठकों के हिन्दी ज्ञान को समृद्ध करने एवं उनकी साहित्यिक जिज्ञासा का शमन करने हेतु प्रयासरत है। हिन्दी भाषा,साहित्य एवं संस्कृति के विपुल एवं अक्षुण्ण भंडार में अपना साहित्यिक योगदान डालने,समाज एवं साहित्य के प्रति अपने दायित्व का निर्वाह करने हेतु यह वेबसाईट प्रतिबद्ध है। साहित्य,समाज और शिक्षा पर केन्द्रित इस वेबसाईट का लक्ष्य निस्वार्थ हिन्दी साहित्य सेवा है। डॉ.पूर्णिमा राय, शिक्षिका एवं लेखिका, अमृतसर(पंजाब)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here