भारत की न्यारी महिमा को , लोग देखने आते हैं by Dr.Purnima Rai

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भारत की न्यारी महिमा को , लोग देखने आते हैं!
भारत की न्यारी महिमा को , लोग देखने आते हैं;
संस्कारों की फुलवारी में, फूल खिले मन भाते हैं।
प्रेम ,समर्पण ,सहनशीलता ,  से दुश्मन को मारा है;
मानवता का पाठ पढ़ाता,मेरा भारत प्यारा है;
भारत की गौरव गाथा के,गीत सभी मिल गाते हैं।
संस्कारों की फुलवारी में, फूल खिले मन भाते हैं…….
धर्म-जाति भाषा के झगड़ों,ने बांटे इन्साँ सारे,
 पश्चिम की संस्कृति में हमने भुला दिए रिश्ते प्यारे;
भारत में रिश्तों की खातिर ,अपनी जान लुटाते हैं।
संस्कारों की फुलवारी में, फूल खिले मन भाते हैं…..
वीरों को सम्मान मिले औ’ पूजा जाता नारी को ;
 आओ मिलकर दूर करें हम, निर्धनता लाचारी को;
वैर भुलाकर मन के सारे दिन गणतंत्र मनाते हैं।।
भारत की न्यारी महिमा को लोग देखने आते हैं;
संस्कारों की फुलवारी में, फूल खिले मन भाते हैं…..
22/1/16 को यह गीत लिखा था।
डॉ पूर्णिमा राय
Dr.Purnima Rai,
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