सपने!

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सपने    ( प्रतिभा गर्ग)

चलो सपनों में तुम रूहानी ख़्वाब देख लो…
ऊँचाइयों को छूने का अहसास देख लो।

जिद्द है गर पाने की कुछ बेचेनियाँ रखो…
कशिश में फिर सुकून ए ख़ास देख लो।

आखों में ख़्वाब ए नूर का दीदार जो हुआ
हिय में फिर सफलता का उजास देख लो।

सोते रहे आखों में तुम सपने समेट के…
मेहनत करे साकार,अपनी आस देख लो।

हौंसले सपनों के ले परवाज़ तो भरो…
‘प्रति’ मंज़िलें क़रीब,तुम प्रयास तो करो।

*जीवन परिचय*

•**नाम**-ड़ा०प्रतिभा गर्ग ‘प्रति’
•**पति का नाम**- प्रशांत विजय
•**पिता का नाम**- आ० राम अवतार अग्रवाल
•**माता का नाम- **स्व० श्रीमती शोभा अग्रवाल

पता- पिन कोड सहित : B-9/ 601 Tulip violet society, Sector -69 Gurgaon- 122001
ई-मेल – garg.pratibha@gmail.com

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