नव वर्ष मंगलमय हो!!

1
63

नव वर्ष मंगलमय हो!

प्रेम हर्ष उत्साह ले, आये नूतन वर्ष ।
जीवन के हर क्षेत्र में, मिले सतत उत्कर्ष ।।

कलियों सा जीवन खिले, मिले सुखद सन्देश ।
नित आना जाना रहे, सपनों वाले देश ।।

बिछी हुई है कालिमा, कहीं हुआ है क्लेश ।
यहीं प्रार्थना है मिटें, दुःख के सब अवशेष ।।

हर्षित हैं कलियाँ मगर, भीगे हैं कुछ नैन ।
आओ खुशियों को मिला, बाँटें मीठे बैन ।।

नित नवीन आनंद के, मिलें सुखद उपहार ।
नही राग विद्वेष हों, बरसे केवल प्यार ।।

नव वर्ष मंगलमय हो
राहुल द्विवेदी ‘स्मित’

 

 

Loading...
SHARE
Previous articleजीवन से घबराना क्यों है !
Next articleनया साल नयी उम्मीद!!
अचिन्त साहित्य (बेहतर से बेहतरीन की ओर बढ़ते कदम) यह वेबसाईट हिन्दी साहित्य--गद्य एवं पद्य ,छंदबद्ध एवं छंदमुक्त ,सभी प्रकार की साहित्यिक रचनाओं का रसास्वादन करवाने के साथ-साथ,प्रत्येक वर्ग --(बाल ,युवा एवं वृद्ध ) के पाठकों के हिन्दी ज्ञान को समृद्ध करने एवं उनकी साहित्यिक जिज्ञासा का शमन करने हेतु प्रयासरत है। हिन्दी भाषा,साहित्य एवं संस्कृति के विपुल एवं अक्षुण्ण भंडार में अपना साहित्यिक योगदान डालने,समाज एवं साहित्य के प्रति अपने दायित्व का निर्वाह करने हेतु यह वेबसाईट प्रतिबद्ध है। साहित्य,समाज और शिक्षा पर केन्द्रित इस वेबसाईट का लक्ष्य निस्वार्थ हिन्दी साहित्य सेवा है। डॉ.पूर्णिमा राय, शिक्षिका एवं लेखिका, अमृतसर(पंजाब)

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here