राष्ट्र प्रेम :सुरेन्द्र साधक

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घनाक्षरी छंद by
सुरेन्द्र साधक –

दिल्ली – 9899494586

  सीमा पर शत्रुओं का उतना है भय नहीं !
जितना कि डर
राष्ट्र को आज गद्दारों से !!

राग बेसुरे से धूर्त जयचन्द आलापते !
रहना सदा सावधान इन मक्कारों से !!

बाकी की समस्या से तो बाद में  लेंगे निपट !
पहले है निपटना देश द्रोही नारों से !!

बातों से बात भईया नही बनती हो जहाँ !
बनती है बात वहाँ शस्त्र हथियारों से !!

 

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