“है रब की इबादत ग़ज़ल मेरी यारो, खुदा-ए-मुहब्बत ग़ज़ल मेरी यारो”

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‘इश्क-ए-माही’- डॉ० प्रतिभा ‘माही’ की पुस्तक का विमोचन
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“है रब की इबादत ग़ज़ल मेरी यारो, खुदा-ए-मुहब्बत ग़ज़ल मेरी यारो”

एम०के० साहित्य अकादमी पंचकूला’ एवं ‘हरियाणा उर्दू अकादमी पंचकुला’ के संयुक्त तत्वावधान में भव्य सम्मान समारोह एवं कविसम्मेलन व मुशायरे का आयोजन मुख्य अतिथि श्री राजबीर देसवाल आइ.पी.एस. ( Retd) एडवोकेट तथा विशेष अथिति डॉ०हेमन्त शर्मा ,
व डॉ. श्री वीरेंद्र सिंह चौहन ( निदेशक एवं उपाध्यक्ष ) हरियाणा ग्रंथ अकादमी पंचकुला की अध्यक्षता में दिनांक 17/11/2018 ( दिन शनिवार ) शाम 3.00 बजे भारत विकास परिषद भवन सेक्टर – 12-A पंचकूला में आयोजित किया गया।
यह डॉ० मनोज कुमार गुप्ता की स्मृति में चौदहवां सम्मान समारोह है तथा इसी समारोह में डॉ० प्रतिभा माही की पुस्तक “इश्क़-ए-माही” ग़ज़ल संग्रह का लोकार्पण एवं भव्य कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन भी किया गया , जिसमें हास्य, ओज, श्रृंगार ,प्रेम इत्यादि सभी रसों से ओत-प्रोत , विभिन्न प्रान्तों से पधारे वरिष्ठ व प्रख्यात, क़लमकार डॉ० नफ़स अंबालवी, श्री विज्ञान व्रत, रमेश शर्मा ‘धुआँधार’, श्री रविंदर रवि , डॉ०कलाम भारती, श्री रवि सरोहा , श्री अयूब खान, डॉ०कान्ता वर्मा ने अपनी धमाकेदार प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया।
अंबाला से आए उर्दू के जाने माने शायर डॉ० नफ़स अम्बालवी ने अपनी अनूठी और बेहतरीन शायरी से श्रोताओं को आनन्द विभोर कर मुशायरे को कमाल के अदबी रंग से नहला दिया।
उनका एक मशहूर शेर:-
“हमारी राह से पत्थर उठाकर फेंक मत देना
लगीं हैं ठोकरें तब जाके चलना सीख पाये हैं”

और फिर दिल्ली से तशरीफ लाए श्री विज्ञान व्रत जी के शेरों ने तो श्रोताओं के दिल में उतर कर मुशायरे को नई ऊंचाइयां बख़्शी।
उनके शेर की एक बानगी देखिए:-
“तुम हो तो ये घर लगता है
वरना इसमें डर लगता है”

संस्था की अध्यक्षा और एक प्रतिष्ठित कवित्री डॉ०प्रतिभा माही ने अपनी ज़बरदस्त सूफियाना शायरी के रंग कुछ इस तरह बिखेरे… कि…
“वक्त गया जो लौट न फिर वो आएगा
माटी का धड़ माटी में मिल जायेगा
वक्त रहे तू खुद को बंदे जान भी ले
वरना फिर बैठा पीछे पछतायेगा”

दिल्ली से आये श्री रवि सरोहा ने श्रृंगार की रचना पड़ते हुए चाँद की बात कही—
सिर्फ सोचा नही पूर्ण विश्वास है
एक तुझे खास है एक मुझे खास है
आसमाँ ने कहा चाँद दो ही तो हैं
एक तेरे पास है एक मेरे पास है

तो दूसरी तरफ रवीन्द्र रवि ने रूहानी ज़िन्दगी की बात कही,देखिए वो क्या चित्र बनाते हैं अपने शब्दों से—
“तुझे जिस रोज़ हम ए ज़िन्दगानी छोड़ जायेंगे
महकते चंद गीतों की कहानी छोड़ जायेंगे
हमारे बाद भी हमको ज़माना याद रक्खेगा
लबों पे सबकी वो दौलत रूहानी छोड़ जायेंगे”

और फिर डॉ० कलाम भारती ने अपनी ओजस्वी कविता पढ़ते हुए हिन्दोस्तान की बात की, देखिए क्या..?

इस मुल्क को नफ़रत के नारों से न तौलिए।
जंजीर मज़हबी में जकड़े उसको खोलिए।
गंगा औ जमुनी सभ्यता का प्यारा हिन्द देश,
हिन्दोस्तां के बासी सब जय हिंद बोलिए।

संस्था द्वारा डॉ० नफ़स अम्बालवी को “एम०के० साहित्य अकादमी अवार्ड” से तथा श्री विज्ञान व्रत को “ताज-ए-हिन्दोस्तां अवार्ड से , डॉ० रमेश शर्मा ‘धुआँधार’ व श्री रविंदर रवि को “राष्ट्रीय अक्स-ए-माही सम्मान” से , डॉ० कलाम भारती व श्री रवि सरोहा को राष्ट्रीय यशस्वी सम्मान से , डॉ० कान्ता वर्मा, डॉ० प्रद्युम्न भल्ला व डॉ० मोहम्मद अय्यूब खान को राष्ट्रीय सितारा सम्मान से व श्रीमती सुनीता गर्ग को नवोदित कवयित्री सम्मान नवाज़ा गया।
इसके अलावा मुख्य अतिथि श्री राजबीर देसवाल जी, शृहर्यना उर्दू अकादमी के निदेशक चन्द्र त्रिखा जी और ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र चौहान साहब को भी स्मृति चिन्ह देकर उनका सत्कार किया गया।
आपको संक्षेप में बताना चाहते है कि “एम०के० साहित्य अकादमी” पंचुकला की अध्यक्षा, डॉ० प्रतिभा माही का नाम साहित्यिक जगत में एक प्रतिष्ठित शायरा, कवयित्री व गीतकार के रूप में जाना जाता है जो एक लंबे अरसे से अनेक साहित्यिक विधाओं में अपनी भावनाओ को शब्दों के मोतियों को पिरोती रही हैं। वो अपनी लगन और विश्वास का दामन थाम कर बहुत शिद्दत से साहित्यसर्जक व साहित्य प्रेमी के रूप में अपना परचम भारत के अनेकों राज्यों के अनेकों शहरों में लहराती रही हैं तथा अपने पतिदेव की स्मृति में लगातार 14 सालों से राष्ट्रीय स्तर का सम्मान समारोह व कवि सम्मेलन के आयोजन कराती आ रहीं हैं।
गुरुग्राम में अपनी छाप छोड़ने के बाद अब दो-ढाई साल से पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली में भी अपनी ग़ज़लों की खुशबू बिखेर कर एक अलग पहचान बना ली है और अब तक यहाँ ट्राइसिटी में 10-12 साहित्यिक आयोजन व सम्मान समारोह करा चुकी हैं। उनका ये शौके-अदब और काव्य के प्रति गहरा जुनून इस समारोह साफ झलकता है।
डॉ.प्रतिभा माही व मंजू बिसला ने मंच संचालन संयुक्त रूप से सँभाला। सुशीला अरोड़ा ने अतिथियों का तिलक कर स्वागत किया। सीमा गुप्ता , जगदीप शर्मा व अन्य सदस्यों ने पूर्ण सहयोग दिया। आदरणीय डॉ०चन्द्र त्रिखा जी , श्री हमदम कालिया , श्री शम्स जी व अन्य वरिष्ठ शायरों व प्रबुद्ध जनों के सानिध्य में समारोह सम्पूर्ण दृष्टि से सफल रहा। जिसका श्रेय संस्था के समस्त सदस्यों को जाता है।

डॉ०प्रतिभा गुप्ता ‘माही’
अध्यक्ष/ट्रस्टी
एम०के० साहित्य अकादमी पंचकूला
दीक्षा गुप्ता
महा सचिव

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