दीपों का त्योहार मुबारक हो सबको!!

0
20

दीपों का त्योहार मुबारक हो सबको।।

भाईचारा व प्यार मुबारक हो सबको।
सजा हुआ हर द्वार मुबारक हो सबको।।
खुशियों से महके हर एक घर का आंगन।
दीपों का त्योहार मुबारक हो सबको।।

प्रभु राम जग में सबका कल्याण करे।
महालक्ष्मी का मिलकर सब ध्यान करें।
आओ लाचारों के घर रोशन करके।
कहें दीवाली यार मुबारक हो सबको।।

दीवाली पर भेद भाव सब धो डालो।
मन में प्रीत के मोती सभी पिरो डालो।
गले लगा कर एक दूजे का मान करें।
खुशियाँ अपरमपार मुबारक हो सबको।।

आप सभी को सपरिवार दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

अजय कुमार तोमर

Loading...
SHARE
Previous articleमैं रोज़ कुछ लिखता हूँ!!
Next articleचौराहे का दीया by (कमलेश भारतीय)
अचिन्त साहित्य (बेहतर से बेहतरीन की ओर बढ़ते कदम) यह वेबसाईट हिन्दी साहित्य--गद्य एवं पद्य ,छंदबद्ध एवं छंदमुक्त ,सभी प्रकार की साहित्यिक रचनाओं का रसास्वादन करवाने के साथ-साथ,प्रत्येक वर्ग --(बाल ,युवा एवं वृद्ध ) के पाठकों के हिन्दी ज्ञान को समृद्ध करने एवं उनकी साहित्यिक जिज्ञासा का शमन करने हेतु प्रयासरत है। हिन्दी भाषा,साहित्य एवं संस्कृति के विपुल एवं अक्षुण्ण भंडार में अपना साहित्यिक योगदान डालने,समाज एवं साहित्य के प्रति अपने दायित्व का निर्वाह करने हेतु यह वेबसाईट प्रतिबद्ध है। साहित्य,समाज और शिक्षा पर केन्द्रित इस वेबसाईट का लक्ष्य निस्वार्थ हिन्दी साहित्य सेवा है। डॉ.पूर्णिमा राय, शिक्षिका एवं लेखिका, अमृतसर(पंजाब)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here