सुंदर-सत्य.. सुहागन का🖌 करवा चौथ विशेष

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सुंदर-सत्य.. सुहागन का🖌

हां ..आज मैं सूरज की नही…
चांद की तलाश में निकलूंगी…
क्योंकि सूरज में ईश्वर वास है…
और चांद में उसके प्रकाश का आभास है…
तभी तो…
हर कोई सूरज में जीता हुआ भी..
नज़र भरके उसे देख नही पाता…
और चांद का..पहरों तक दीदार करता है…
तुम भी तो …
उसी अनंत सृष्टि का
एक प्रसाद हो…
जो मिला है मुझे
प्रियतम के रूप मे ….
तभी तो..तुम्हारा नाम है..
“पति-परमेश्वर”…
तुम परिक्रमा ही तो करते हो..
मेरे जिस्म की,मेरी रूह की…
इस चांद की तरह…..
हर रोज देखती हूं तुम्हारी चढ़ती-उतरती भावनाएं….
कभी गुस्से ..तो कभी प्यार से अर्घ््त हूं तुम्हे…
सेवा का,स्नेह का,स्वाद का और संवाद का…
हां मैं धरा हूं… तुम्हारी धरा…
जिससे पनपे है तुम्हारे अंश…
परवान चढ़ रहा है तुम्हारा वंश…
बस यही तमन्ना है..कि..
अंततः तेरी चांदनी बनकर तुझमे समा जाऊं….
सदा लाल रहे मांग मेरी
और सौभाग्यवती कहलाऊँ….
तेरे आंगन की तुलसी बनकर अमंगल दूर भगाती रहूँ….
ऐ मेरे चांद…मैं ता-उम्र करवा चौथ मनाती रहूँ…
🙏🏻हरि ॐ

राज🖌

🌹सर्व-सुहागनों को मंगलकारी सुबह मुबारक🌹
9592968886

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