रेल हादसे की चपेट से अमृतसर डूबा शोक में !!by Dr.Purnima Rai

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खुशी का अवसर सुनहरा
याद रहेगा यह दशहरा!!

मस्त मलंग लोग निमग्न
आतिशबाजी चूमे गगन!!
निकले घर से वापिस आने को
सामने खड़ी मौत गले लगाने को !!

रेल हादसे की चपेट से
अमृतसर डूबा शोक में !!
क़त्ल-ए-आम यह देखकर
हृदय द्रवित है आज फिर!!

चीथड़े बिखरे इधर-उधर
नेतागण भागे छोड़ कर!!
जले बुराई जलता रावण
उजाड़ गया फिर घर आंगन!!

एक दूसरे पर कीचड़ उछालते
नेतागिरि बस सब नेता झाड़ते
घायलों के घाव पर मरहम लगाओ
पिता से पुत्र औ’ मां से बेटी मिलाओ

बिना हादसे के कोई सोचता नहीं
जीते जी तो कोई पूछता नहीं !!
आज मौत को गले लगाने पर
मुआवजा मिलेगा मरने पर!!

वाह !मेरे देश खूब तरक्की करना
त्योहारों पर न कभी लोग मरने देना!!

डॉ पूर्णिमा राय (पंजाब)drpurnima01.dpr@gmail.com

जोडा फाटक धोबी घाट पर रावण दहन के वक्त रेेेल की चपेट का दर्दनाक दृृश्य

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