एक जुमला नया उछाला है!!

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गज़ल (अजय तोमर)

झूठ का जग में बोलबाला है।
सत्य का खो गया शिवाला है।।
राज है हर तरफ अँधेरों का।
अब मयस्सर कहाँ उजाला है।।
ओरतों को कहाँ है आजादी।
निकाह तलाक और हलाला है।।
दौर है दोस्तों तरक्की का।
अब तो कचरे में भी निवाला है।।
आज फिर मंच से मदारी ने।
एक जुमला नया उछाला है।।


अजय कुमार तोमर

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