चिन्तित बया

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शान्त चिड़िया
कुदरती नज़ारा
प्रेमविहीन!!

नीला गगन
भर लूँ मैं उड़ान
मन भूकंप!!

शुष्क डालियाँ
मुंडेर भी वीरान
चिन्तित बया!!

डॉ.पूर्णिमा राय,अमृतसर

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