हनुमान जयंती by Dr.Purnima Rai

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हनुमान जयंती!!
भक्तों में प्रिय भक्त हैं,रामभक्त हनुमान।
राम सिया के लाडले,जग करता गुणगान।।
हाथ जोड़ वंदन करूँ,महिमा अपरंपार।
सेवक-सेव्य भाव से,भवसागर हो पार।।
लक्ष्मण मूर्छित देखकर,चिन्तित थे श्रीराम।
पवनपुत्र हनुमान ने,किया न था विश्राम।।
आग लगी जब पूँछ में ,इत-उत भागे लोग।
उजड़ी सुन्दर वाटिका,भूल गये सुख-भोग।।
रामायण में राम सँग,जिक्र हुआ हनुमान।
कर्म किये निष्काम थे,तभी मिला सम्मान।।
Dr.Purnima Rai,Asr

Dr. Purnima  Rai,Asr

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