दे दो आज गुलाब भेंट में

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दे दो आज..गुलाब भेंट में
(गुलाब-दिवस पे विशेष)

किसको आज गुलाब भेट दूं..
बिखरी खुशियों को समेट लूं…

उन्हें दूं..नाराज जो मुझसे..
दूर बहुत हैं आज जो मुझसे..

उन्हें दूं… जो रकीब हैं मेरे…
भय संग… बहुत करीब हैं मेरे…

उन्हें दूं… जो दिल बहलाते…
मेरे संग जो नग्में गाते..

उन्हें दूं… जो आह हैं भरते…
पल-पल मेरी परवाह हैं करते…

उन्हें दूं… जिन्होंने, जीना सिखलाया…
खुद मर-मर के..मुझे जिलाया…

उन्हें दूं… जिनका नही कोई…
जिनकी किस्मत…कब से सोई…

सुन गुलाब कर तू ही फैसला…
किसकी  सौगात बनेगा…
किस रिश्ते की धूप बनेगा
किसकी ठंडी रात बनेगा..
नही तो पत्ती-पत्ती तेरी
सांसो संग सहेज रहा हूँ..
सब रिश्ते ही अज़ीज़ हैं मुझको..
सब रिश्तों को भेज रहा हूं…


राज✍
🌹गुलाब दिवस मुबारक हो🌹

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