नभ पर सूरज लाली है ( बाल दिवस की हार्दिक बधाई )

4
118

नभ पर सूरज लाली है ( बाल दिवस विशेष)

नभ पर सूरज लाली है
बच्चों से खुशहाली है।।

बच्चे लगते तारों से ,
जगमग भू की थाली है।।

खुशियों का अम्बार लगा,
हर दिन अब दीवाली है।।

बालदिवस की शुभ बेला,
हर गम से ही खाली है।।

गोदी खिलती बच्चों से,
मैया किस्मतवाली है।।

स्वस्थ निरोगी बच्चे हों
आंगन में किलकारी है।।

राज “पूर्णिमा” भू इतना,
बच्चों से हरियाली है।।


डॉ.पूर्णिमा राय,
अमृतसर( पंजाब)
drpurima01.dpr@gmail.com

Loading...
SHARE
Previous articleबचपन के वो पल सुहाने!!(बालदिवस विशेष)
Next articleमुट्ठी भर कलरव ( नवगीत )बालदिवस विशेष
अचिन्त साहित्य (बेहतर से बेहतरीन की ओर बढ़ते कदम) यह वेबसाईट हिन्दी साहित्य--गद्य एवं पद्य ,छंदबद्ध एवं छंदमुक्त ,सभी प्रकार की साहित्यिक रचनाओं का रसास्वादन करवाने के साथ-साथ,प्रत्येक वर्ग --(बाल ,युवा एवं वृद्ध ) के पाठकों के हिन्दी ज्ञान को समृद्ध करने एवं उनकी साहित्यिक जिज्ञासा का शमन करने हेतु प्रयासरत है। हिन्दी भाषा,साहित्य एवं संस्कृति के विपुल एवं अक्षुण्ण भंडार में अपना साहित्यिक योगदान डालने,समाज एवं साहित्य के प्रति अपने दायित्व का निर्वाह करने हेतु यह वेबसाईट प्रतिबद्ध है। साहित्य,समाज और शिक्षा पर केन्द्रित इस वेबसाईट का लक्ष्य निस्वार्थ हिन्दी साहित्य सेवा है। डॉ.पूर्णिमा राय, शिक्षिका एवं लेखिका, अमृतसर(पंजाब)

4 COMMENTS

  1. बहुत सुंदर बाल कविता पूर्णिमा जी।

  2. अनुपम सृजन आदरणीय, दीदी!!
    हार्दिक बधाई हो!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here