*सरदार वल्लभभाई पटेल* जन्मदिवस 31 अक्तूबर (राष्ट्रीय एकता दिवस)

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*सरदार वल्लभभाई पटेल*

राष्ट्रभक्ति के आदर्श
वल्लभभाई पटेल।
जज्बा उनका देखकर,
हो गये ब्रिटिश फेल।।

पटेल जी का जन्म हुआ,
गुजरात के नाडियाद।
शूरवीर गुजरात ने,
किया देश आबाद।।

पिता झवेर माँ लाडबा,
के थे वे कंठहार।
सोम बिट्ठल नरसी दहिबा
भाई बहन थे चार।।

बन्दूक और तलवार बिन,
चमके ऐसा तेज़।
कष्ट झेला हँसी खुशी
पाई फूलों सी सेज़।।

झवेर बाई का सिंदूर,
रहा न हरपल साथ
पुत्र दह्मा पुत्री मणि
का पकड़े रखा हाथ।।

ह्रदय में कोमलता,
स्वर में भरी दहाड़।
देश प्रेम सच्चाई से
दुश्मन देते पछाड़।।

भारत के इतिहास में,
सकल भूमि की शान।
लोगों को एकत्र किया
दिलाया सुख सम्मान।।

ध्वज फहराया बारडोली में
कर से किया दूर।
*सरदार* की उपाधि पाई
दुश्मन को किया चूर।।

गांधी जी ने छेड़ा जब,
आन्दोलन असहयोग।
देश में किया भ्रमण
एकत्र किये सब लोग।।

भारत छोड़ो की विकट घड़ी
थे मरने को तैयार।
मान बढ़ाया देश का
मातृभूमि से प्यार।।

गृहमंत्री उपप्रधानमंत्री ये
पल-पल रहे बेचैन।
संपूर्ण राज्यों को कर एकत्र
मिला हृदय को चैन।।

*लौह पुरुष* *भारत रत्न*
बिस्मार्क के सम्मान।
स्मृति स्मारक इनके कई
बढ़ाते जग में शान।।

भारत माँ का लाडला,
जो दे गया आशीष।
श्रद्धा सुमन अर्पित करें
सभी झुकायें शीश।।

राजन लिब्रा ,शिक्षक,अमृतसर

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