जुगाड़ (लघुकथा)

1
79

 जुगाड़ (जियाउल हक)

भीषण ठंड का मौसम है। ऐसा लग रहा है कि खून भी जम कर बर्फ बन गया हो। झोपड़ी में खटोले पर सोया आठ साल का मनोज हाथ पैर सिकुड़ाते हुए काँप रहा था। सुबह का समय था, कोहरे की वजह से ठंड और पड़ने लगी ।अब मनोज ठंड बर्दाश्त नही कर पा रहा था। मनोज चिल्लाया- “माँ बहुत ठंड लग रही है, आग जला दो ना।”
माँ बोली- “आग ही जला रही हूँ,कब से तुम्हें चादर में ठिठुरते हुए देख रही हूँ, उठ थोड़ा धान के पुआल लाके दे ना, जल्दी आग पकड़ लेता।”
मनोज काँपता हुआ उठा और पुआल को आग पर रखते हुए बोला- “माँ यह जुगाड़ कब तक चलेगा, अभी तो ठंड की शुरुआत है ,अभी पूरी ठंड आना बाकी है, बोल न बाबूजी से कि एक कम्बल खरीद के लायें।”
माँ- “अभी ट्रैक्टर वाले को खेत की जोताई के पैसे नहीं दिये गये हैं।”
मनोज- “तो बोल न बाबूजी को खेती करना छोड़ दें, शहर कमाने के लिए जायें, देख ले ,सुमन के बाबूजी तो खेती-बाड़ी छोड़कर शहर को हमेशा के लिये पकड़ लिये।”
दु:खी हृदय से माँ  मनोज को गोद मे सटा कर बोली “आज तेरे लिए कुछ जुगाड़ करती हूँ।”
अबोध बालक मनोज बोला, “क्या जुगाड़ करेगी माँ?”
माँ- “दो चादर के बीच में धान की पुआल डाल कर उसे सिलाई कर दूँगी, कम्बल से भी ज्यादा गर्म रहेगा।”


जियाउल हक
जैतपुर सारण बिहार
पिन कोड- 841205।
शिक्षा- स्नातक विज्ञान & डिप्लोमा इन इंडस्ट्रीयल फायर सेफ्टी मैनेजमेंट।

Loading...
SHARE
Previous articleदीपावली क्षणिका विशेषांक’समीक्षा :प्रिन्स मंडावरा  
Next article*सरदार वल्लभभाई पटेल* जन्मदिवस 31 अक्तूबर (राष्ट्रीय एकता दिवस)
अचिन्त साहित्य (बेहतर से बेहतरीन की ओर बढ़ते कदम) यह वेबसाईट हिन्दी साहित्य--गद्य एवं पद्य ,छंदबद्ध एवं छंदमुक्त ,सभी प्रकार की साहित्यिक रचनाओं का रसास्वादन करवाने के साथ-साथ,प्रत्येक वर्ग --(बाल ,युवा एवं वृद्ध ) के पाठकों के हिन्दी ज्ञान को समृद्ध करने एवं उनकी साहित्यिक जिज्ञासा का शमन करने हेतु प्रयासरत है। हिन्दी भाषा,साहित्य एवं संस्कृति के विपुल एवं अक्षुण्ण भंडार में अपना साहित्यिक योगदान डालने,समाज एवं साहित्य के प्रति अपने दायित्व का निर्वाह करने हेतु यह वेबसाईट प्रतिबद्ध है। साहित्य,समाज और शिक्षा पर केन्द्रित इस वेबसाईट का लक्ष्य निस्वार्थ हिन्दी साहित्य सेवा है। डॉ.पूर्णिमा राय, शिक्षिका एवं लेखिका, अमृतसर(पंजाब)

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here