आहटby Dr.Purnima Rai

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सर्द हवाएं

जादू सी सुरमुई

हुई आहट!!

मन किवाड़

झटके से कौंधता

मदहोशी में!!

सलौनी यादें

झोंकों में लिपट के

छुये बदन!!

जादू झपकी

भूलते सुध-बुधि

स्वप्न आगोश!!

– डॉ०पूर्णिमा राय,

शिक्षिका एवं लेखिका

अमृतसर(पंजाब)

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