जन्मदिन मुबारक हो बिग बी !!

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तुम जिओ हज़ारों साल!!

कुछ लोगों में उम्र बढ़ने के साथ-साथ ऊर्जा समाप्त नहीं होती,उनका चेहरा एवं व्यक्तित्व का प्रभाव कभी धूमिल नही होता बल्कि वह और अधिक प्रकाशमान होते जाते हैंलेकिन इस सबके पीछे होता है उनका अपने कार्य के प्रति अधिक समर्पण ,गहन चिंतन और परिवार का सहयोग।ये सभी बातें उस व्यक्ति पर पूर्णतः  लागू होती है जिसे सदी का महानायक कहा गया है…इस व्यक्ति का सबसे बड़ा सौभाग्य यह रहा कि यह एक अति उच्च संस्कारी और महान कवि हरिवंशराय के घर पैदा हुआ और जन्म से ही संस्कारों की वो निधि पा गया जो कि कम बच्चों को मिलती है…इसकी माता एक पंजाबी परिवार से थी नाम था तेजी बच्चन और 11 अक्टूबर 1942 में इनका जन्म हुआ ।अमिताभ का नाम पहले इंकलाब रखा गया था लेकिन उनके पिता के साथी रहे कवि सुमित्रानंदन पंत के कहने पर उनका नाम अमिताभ रखा गया।आइये एक संक्षिप्त परिचय इस महान व्यक्ति के बारे में प्राप्त करें ।
1.अमिताभ की आरंभिक शिक्षा नैनीताल के बहुत अमीर स्कूल से शुरू हुई और दिल्ली के करोड़ीमल कॉलेज में समाप्त हुई ।
2.अमिताभ एक आम व्यक्ति की तरह नौकरी की तलाश में निकले और इलाहाबाद रेडियो पे हुए ऑडिशन में उनकी उस आवाज़ को पूरी तरह नकार दिया गया जो आवाज़ हिंदी सिनेमा के लिए सबसे विशेष बनी ।
3.बतौर अभिनेता अमिताभ ने सात हिन्दोस्तानी से फिल्मी सफर शुरू किया और कुछ पदमा खन्ना जैसी कम पहचान रखने वाली अभिनेत्री संग सौदागर जैसी फ़िल्म के साथ-साथ कुछ अति फ्लॉप फिल्मे दी और निराशा से भरते गए ।
4.दोस्तो !जीवन संगिनी की आमद व्यक्ति के भाग्य का प्रतीक होती है और मैं समझता हूं कि अमिताभ का सौभाग्य फ़िल्म जंजीर से नही बल्कि जया भादुरी के उनके जीवन में आने से बना…जया बच्चन अभिनय में अमिताभ को उस दौर कहीं पीछे छोड़ती थी…फ़िल्म अभिमान इन दोनों के जीवन पे बनी सच्ची कहानी है ।
5 . एक नाम हिंदी सिनेमा में एक पक्की मोहर की तरह इस अभिनेता के साथ जुड़ा और वो था “विजय“…यह वो नाम था जो जंजीर से शुरू हुआ और फ़िल्म अग्निपथ तक लगातार अमिताभ के साथ जुड़ा रहा…ऐसा और किसी अभिनेता के साथ नही हुआ ।
6.मैं अमिताभ की अनेकों वो फिल्मे यहां नही बताना चाहता जिसे आप जानते है ,लरकीं यह जरूर बताना चाहूंगा कि हिंदी सिनेमा का एक दौर ऐसा जरूर रहा जिसमे देश में वन-मैन शो बन गया था और केवल एक ही नाम चर्चा का विषय था…वो था अमिताभ की हर नई रिलीज़ होने वाली फिल्में ।
7. मैं दुआओं को दवा से कहीं ऊपर मानता हूं और इसे मैंने निजी जीवन में अति करीब से महसूस किया है…लेकिन सन 1982 में बनी फिल्म कुली की शूटिंग के दौरान जब रेडियो ,टेलीविजन पे यह खबर प्रसारित हुई कि अमिताभ शायद न बचे…तो करोड़ों हाथ दुआ के लिए उठे और अमिताभ मौत के दरवाजे से लौटा दिए गए
8 .अमिताभ हिंदी सिनेमा के एंग्री-यंग मैन तो थे ही..लेकिन उनके पास कॉमेडी ,डांस और अभिनय का बहुमुखी मिश्रण था,जिसे हर आयु वर्ग के व्यक्ति ने पसन्द किया ।
9 .अमिताभ के जीवन को नई पहचान उनके हेयर-स्टाइल ने भी दी और इनके फेस-कट के हिसाब से इन्हें अधिक हैंडसम बनाने में विशेष भूमिका निभाई ।
10 .दोस्तो ! मैं अमिताभ को मैच्योर लेवल पे कभी भी उच्च दर्ज़े का अभिनेता स्वीकार नही कर सका…क्योंकि इस रेस में मुझे राजेश खन्ना और संजीव कुमार कहीं आगे नज़र आते रहे है…लेकिन बढ़ती उम्र और अमिताभ का अपने कर्म के प्रति सच्चा समर्पण मुझे इस बात को यह मानने पर मजबूर कर गया कि अमिताभ उच्च कोटि के अभिनेता है…और वो फिल्मे थी ब्लैक और पा और भूतनाथ...हालांकि इसे अमिताभ की कला का तीसरा दौर समझा जा सकता है…क्योंकि दूसरा दौर फ़िल्म मोहबतें और बागबान को जाता है ।
11.व्यक्ति की ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव उसे मजबूत बनाते हैं और एक ऐसा दौर आया जब अमिताभ सबकुछ पा कर भी आर्थिक तौर पे कंगाल हो गए थे…और इनका हाथ एक सच्चे दोस्त की तरह पकड़ा नेता अमर सिंह ने…औऱ अमिताभ और उनका परिवार इस संकट से उभर सके ।
12.दोस्तो ।आज 74 साल के अमिताभ की एक विशेषता ,जो मेरे दिल में उनके लिए अति सम्मान पैदा करती है वो है उनकी हर आम-खास व्यक्ति से उनका बात करने का ढंग…इतने ऊंचे कद का व्यक्ति सबको विशेष समझता हुआ एक सन्देश देता है कि पहचान कुर्सी से नही,पैसे से नही बल्कि अच्छे व्यवहार से कायम होती है ।
13.अमिताभ नेता भी बने,इलाहाबाद से बड़े नेता बहुगुणा को बड़े अंतर से हराने में भी सफल हुए…लेकिन वो वापस हो लिए…यह उनका गहन चिंतन था कि राजनीति उनके किरदार को माफिक नही आएगी ।
14.सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के तौर पर उन्हें 3 बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा 14 बार उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड भी मिल चुका है। फिल्मों के साथ साथ वे गायक, निर्माता और टीवी प्रिजेंटर भी रहे हैं। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री और पद्मभूषण सम्मान से भी नवाजा है।
दोस्तो ! अंततः यही कहूंगा कि आपका परिवार आपकी सबसे बड़ी निधि होती है…इसे आप अमिताभ के मुख से बार-बार सुनते भी हो…आपका व्यवहार आपको दूसरों के ह्रदय तक ले जाता है…यह बात भी उनके जीवन से सीख सकतें है…और तीसरा आपका कारोबार या व्योपार…यह जैसे-जैसे निखरता है आपको विशेष बनाता जाता है…यह बात भी अमिताभ पे लागू होती है ।
(उनकी निजी जिंदगी के कुछ पहलू मैंने यहां नही छुए ,क्योंकि वो न टी मेरा हक है न मेरे लिए मायने रखते है…)
अंततः जया के पति,अभिषेक और श्वेता के पिता ऐश्वर्या के ससुर और आराध्या के दादा एवं  करोड़ों भारतीयों के दिलों की धड़कन  बिग बी अमिताभ जी को  75 वेंं जन्मदिन  बहुत सी शुभ-कामनाएं……..

राजकुमार राज,शिक्षक अमृतसर।

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1 COMMENT

  1. महानायक अमिताभ बच्चन जी को जन्मदिन की अशेष शुभकामनाएं।
    पूर्णिमा जी सुंदर लेख।

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