मिरा दिल ये दी’वाना हो गया है!

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*मिरा दिल ये दी’वाना हो गया है।*

मतला~
*मिरा दिल ये दी’वाना हो गया है।*
*मुहब्बत का तराना हो गया है।।*
शेर~~~
मुझे तेरी सताये याद हरदम।
मिजाज़े आशिक़ाना हो गया है।।
कहाँ ढूँढूँ बता दिलबर मुझे अब।
बड़ा तन्हाँ जमाना हो गया है।।
नहीं लगता मे’रा दिल है कहाँ तू।
ते’रे दिल में ठिकाना हो गया है।।
बता दे प्यार की कीमत लगा दूँ।
ते’रे बाज़ार अाना हो गया है।।
बहे आँसू तड़पता दिल बुलाये।
ग़मों में डूब जाना हो गया है।।
चली आ ऐ सनम अब तो बहुत ही।
ते’रा मुझको सताना हो गया है।।
बहर–1222 1222 122
काफ़िया-आना,रदीफ़- हो गया है।
 
आशीष पाण्डेय ज़िद्दी।
9826278837
04अक्टूबर2017
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