छोटे कद का विराट-पुरुष:श्री लालबहादुर शास्त्री

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छोटे कद का विराट-पुरुष

एक कहानी सुनी है सभी ने,राजा हरिश्चन्द्र की कहानी..लेकिन भारत में हरिश्चन्द्र ने दो बार राज्य किया ।एक बार राजा के रूप में और दूसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में…..दोस्तों ! एक निर्धन अध्यापक का बेटा अति दरिद्रता से लड़ता हुआ ,शिक्षित होता हुआ..अंततः देशभक्त बनता है और अपने विशेष स्वभाव के कारण एक विलक्षण पहचान बनाता है…आज आपसे उस सत्यवादी की कुछ बातें सांझी कर रहा हूं.. कृपया गौर से पढ़े…..
1.शास्त्री भारत के ऐसे रेलमंत्री हुए हैं ,जो रेल-हादसे की सारी जिम्मेदारी खुद पे लेते हुए नैतिक तौर पे इस्तीफा दे देते है ।1st class और 3rd class यात्रा भाड़े में एक बड़ा अंतर पैदा करते हैं ।
2.शास्त्री विशाल भारत के ऐसे गृहमंत्री हुए है जिनके पास खुद का मकान नही था और वह इलाहाबाद में एक किराये के मकान में लंबे समय तक रहते रहे ।
3. शास्त्री एक ऐसा व्यक्ति का नाम है ,जो नारी शक्ति पे अति विश्वास करता है और परिवहन मंत्री होते हुए देश में पहली बार महिला-कंडक्टरों की नियुक्ति करता है ।
4.शास्त्री ऐसा प्रधानमंत्री रहा है जो आम कर्मचारियों की तरह अपनी तनखाह प्राप्त करता है और जेब में डाल कर कहता है कि..आज
जेब भारी है,और सबके साथ गन्ने का रस पीने जाता है ।
5.शास्त्री वो प्रधानमंत्री रहा है जिसे मिली हुई सरकारी गाड़ी गैराज से तभी बाहर निकलती थी जब कोई सरकारी कार्य होता था..एक बार उस गाड़ी का प्रयोग इनके बेटे सुनील ने इनसे बिना पूछे किया और इन्होंने किलोमीटर के हिसाब से पैसे सरकारी खजाने में जमा करवाए ।
5.शास्त्री ऐसे पिता रहे है जो बेटे की पी. टी मीट में बच्चे का रिपोर्ट कार्ड खुद लेने जाता है और अद्यापक जब कहता कि आप प्रधानमंत्री है,एक फोन कर देते, किसी को भिजवा देते तो रिपोर्ट कार्ड भेज देते..तो आप कहते है कि सर ! मै प्रधानमंत्री होकर नही बदला, लेकिन आप बदल गए हो ।है न महान शब्द..
6.आपके पास कपड़ों के नाम पर केवल 2 धोतियाँ और 2 कुर्ते थे..एक धोया जाता तो दूसरा पहना जाता ।जिस कोट में आप शास्त्री जी को देखते हो वह नेहरू जी द्वारा जबरदस्ती उपहार स्वरूप दिया कोट है ।
7.शास्त्री वो महान व्यक्ति है जो अपनी पत्नी को उधड़े कुर्ते को सिलाई करने को देता है,और फ़टे कुर्ते के रुमाल बनाने को कहता है ।
8.शास्त्री ऐसा पति है जो एक बहुत बड़ी साड़ी मिल का उद्घाटन करते हुए साड़ियां बहुत स्वरूप नही लेता,बल्कि सबसे सस्ती साड़ी अपनी हैसियत अनुसार खरीदकर बीवी को देता है ।
9.शास्त्री ऐसा प्रधान मंत्री है जो अमरीका की धमकी को हवा में उड़ाते हुए उनकी खैराती गेंहू लेने से इनकार कर देता है और सब देशवासिओं के साथ हफ्ते के सोमवार को व्रत रखता है ।
10.शास्त्री वो प्रधानमंत्री है जो “जै जवान ,जै किसान”का सच्चा नारा लगाता है…और 1965 के युद्ध में सेनाओं के उच्च अधिकारियों से कहता है..आप सीमाओं की रक्षा करो,हमे आप बताओ कि हमे क्या करना है…और वही सेनाएं पाकिस्तान को पीटती हुई लाहौर के दरवाजे तक जा पहुंचती है ।
11.यह वो प्रधानमंत्री है जो युद्ध का खर्चा सहन करने के लिए देशवासिओं से सहयोग मांगता है और शुरुआत खुद से करता है..दोस्तो! इन्होंने उन दिनों अपनी पत्नी ललिता से पूछा कि घर का खर्च एक महीना कितने में चलेगा ?उन्होंने कहा 300 रुपये मे… आपने 275 रुपये देते हुए कहा ,कोशिश कीजिये इनमे से भी 25 रुपए बच जाए और राहत-कोष में जमा करवाए जाएं ।
दोस्तो ! ये सारी कहानियां नही हक्कीकते हैं…जो थोड़ी सी सांझी की है…पता है कि इस प्रधानमंत्री की लाश जब भारत आई थी ताशकन्द से तो उसका पोस्टमार्टम भी नही होने दिया गया था..केवल आपकी बीवी उस लाश के पास गयी और उन्होंने बताया कि उनका सारा शरीर नीला पीडीए हुआ था…और नीला शरीर तभी होता है जब उसमे ज़हर गया हो…
जरा सोचिए सारे देश के महान पुरुषों की लम्बाईयाँ इस छोटे कद वाले विराट पुरुष के सामने कितनी बौनी नज़र आती है…इनके बैंक एकाउंट में आखिर में जितने पैसे थे उससे ज्यादा देश के किसी रिक्शा चालक के पास होते है….जरा सोचिए ! क्या ऐसे देवताओं के सामने माथा टेकने की भी आत्मा हिम्मत करती है ?निचोड़ यही है कि..लाल बहादुर बनना अति कठिन है…केवल इतना कीजिये जो इस विराट पुरुष का इतिहास हमने छिपा कर रखा है उसे अध्यापक और अच्छे नागरिक होने के नाते जन-जन तक पहुंचाइए… क्योंकि बहुत से लाल बहादुर देश के लिए जरूरी है..घर-घर के लिए जरूरी है….

राजकुमार राज,शिक्षक ,अमृतसर

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