एक नज़र निहार लो !!by Dr.Purnima Rai

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अकेले हो गया
हर इंसान
वक्त ही कहाँ
रहा किसी के पास
तस्वीरों के जैसे
हुआ
जिन्दा तस्वीर !!
 
खुद खींचे
तस्वीर
खुद निहारे खुद को
वक्त बिताये
खुद से ही
करके बातें
चाहे हो मौसम
शादी का
यां हो बरबादी का!!
 
– डॉ.पूर्णिमा राय,अमृतसर।
drpurnima01.dpr@gmai.com
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