विजयदशमी आई है: वीपी ठाकुर ” वही रावण जलाये जो स्वयं राम है ” (दशहरा –विशेषांक 2017)

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विजयदशमी आई है: वीपी ठाकुर

अच्छाई के रथ पर सवार होकर,
विजयदशमी आई है,
अच्छाई बुराई को रौंदने आई है,
सुहाने परिवेश में पसरी ,
बुराई को मिटाने आई है,
अच्छाई की बुराई पर जीत,
हमें यह बताने आई है,
लेकिन,
क्या हम आत्मसात करते हैं?
अच्छाई,
यह विचारने की नसीहत देने है ,आई,
महज औपचारिकता से ,
नहीं मिटेगी बुराई,
आत्मसात कर लो अच्छाई,
यह बताने है ,आई,
रावण की लंका जलाने,
राम नाम का प्रकाश फैलाने,
आई है,
विजयदशमी!

वीपी ठाकुर,
जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश

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