रावण मिलते हैं गली गली:डॉ. सुषमा सिंह  ” वही रावण जलाये जो स्वयं राम है ” (दशहरा –विशेषांक 2017)

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रावण मिलते हैं गली गली:डॉ. सुषमा सिंह 

रावण तो मिलते हैं गली-गली
पर राम नहीं मिलते
जो खड़े हों अन्याय के विरुद्ध
करें बुराई का सर्वनाश
जो करें मर्यादा का पालन
और स्थापित करें सुचारु शासन।
कोई अर्थ नहीं
रावण का पुतला जलाने में
जब तक व्यक्ति न मार सके
अपने भीतर के अन्यायी को,
अत्याचारी को
और न बसा सके
अपने अन्दर मर्यादा के राम को।

डॉ. सुषमा सिंह, पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष और प्राचार्य, आर. बी. एस. कॉलेज, आगरा।

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