वीर भगत सिंह के जन्मदिन 28 सितंबर पर विशेष!!

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वीर भगत सिंह के जन्मदिन 28 सितंबर पर विशेष!!

1) जोश-ओ-जुनून (डॉ.पूर्णिमा राय)

जोश ओ जुनून
छाया था इस कदर
चढ़ गये फाँसी!!
भुला दिया स्वत्व
स्मरण रहा ममत्व
भारत माता से!!
देश के जांबाज
तमन्ना सरफरोशी की
रही जीवनपर्यंत!!
घड़ियाल बजे
रेडियो,अखबार चीखे
बम फैंकने से!!
मैं तेरा मुरीद
ए आज़ादी
नहीं चाहिए मुझे
मेरी धड़कती साँसे!!
हँसते खिलखिलाते
चूम लिया फँदा
फाँसी का
जोश ओ जुनून
जन-मन में भरने को!!
देश-सेवा भाव
जागृत करने को!!
काश !कायम रहे
फिर से आबाद रहे
एक बार फिर दिख जाये
मेरे भारत में
शहीदों और वीरों जैसा
जोश ओ जुनून!!
विशेष–(पब्लिक इमोशन बिजनौर में प्रकाशित)

2) ग़ज़ल (डॉ.पूर्णिमा राय)

भारत ये मेरा महान हो जाये।
खुशहाल हमारा किसान हो जाये।।

दे दो जन्म-दिवस पर यही तोहफा;
हर युवक भगत सा जवान हो जाये।।

पहने सभी आज बासंती चोला;
वीरों पर सबको गुमान हो जाये।।

देश-प्रेम का सरूर चढ़े इस कदर ;
दिल में भगत का अरमान हो जाये।।

वीर तेज़ से भरी दिखती “पूर्णिमा”
कण-कण भगत सिंह निशान हो जाये।।

नोट–(सहज साहित्य में प्रकाशित)

3) तेरे दिवाने है (जियाउल हक)

शहीद -ए-आजम तेरी शहादत भूल ना पायेंगे।
जब तक रहेगी जान तेरे नाम का झंडा लहरायेंगे।

तुम्हेंं देश-देवता का सम्मान हमें दिलाना है।
इस राह में जो भी आये उससे टकराना है।
अगर रोकेगा कोई तो, हम भगत सिंह बन जायेंगे।
जब तक रहेगी जान तेरे नाम का झंडा लहरायेंगे।

हम जैसे ना जाने कितने तेरे दिवाने है इस देश में।
एक बार फिर वापस आ जा अपनी पुराने भेष मे।
पापी राष्ट्रद्रोही को फिर से मिटा जायेंगे।
जब तक रहेगी जान  तेरे नाम का झंडा लहरायेंगे।

जियाउल हक
जैतपुर सारण बिहार

 

3) दोहा छंद (डॉ.पूर्णिमा राय)

भारत माता के लिये,सहते थे जो पीर।
भगत सिंह से अब कहाँ,जग में दिखते वीर ।।

विश्व मनुज से ही बनी, भारत माँ की शान।
भगत सिंह की सोच का,जग में हो सम्मान।।

नोट–(सहज साहित्य में प्रकाशित)

डॉ.पूर्णिमा राय,
शिक्षिका ,लेखिका एवं संपादिका
अमृतसर(पंजाब)
drpurnima01.dpr@gmail.com

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