नमो आदिशक्ति :वंदना

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नमो आदिशक्ति :वंदना

नमो आदिशक्ति भवानी नमामि
नमो मातु दुर्गे शिवानी नमामि।

तू ही आदि माता तू ही सर्वशक्ति
तू ही मेरी पूजा तू ही मेरी भक्ति।
तू ही अर्चना अर्पणा भी तू ही हो
तू आराधना साधना भी तू ही हो।
नमो शैलपुत्री हिमानी नमामि
नमो मातु दुर्गे शिवानी नमामि।

देवों पे जब जब भी विपदा पड़ी हो
बनी कालिका चण्डिका बन लड़ी हो

पुकारूं तुम्हें आ उबारो मुझे भी
न जाने कहां मां मेरी तुम खड़ी हो
नमो चंद्र घंटे मृडानी नमामि
नमो मातु दुर्गे शिवानी नमामि।

कमण्डल करे है वसन श्वेत धारिण
लिए हस्त माला बनी ब्रह्म चारिण।
यमो तुम नमो तुम तपश्चारिणी हो
तू दुख दारुणि हो तू ही क्लेश हारिण।
हे कूष्मांडिका हे रूद्राणी नमामि
नमो मातु दुर्गे शिवानी नमामि।

खुले केश काले खड्ग हाथ में है
सदा सर्वदा सिद्धियां साथ में है
जय मां त्रिनेत्री जयतु कालरात्रि
सदा शुभ करी मैया तू  सिद्धिदात्री
हे काशीपुराधीश्वराणी नमामि
नमो मातु दुर्गे शिवानी नमामि।

मनुज देवता हों या हों मूढ़ ज्ञाता
शरण सब तुम्हारे हे स्कंद माता
तु कात्यायनी सर्व कल्याणकारी
तुम्हें पूजते सृष्टि कर्ता विधाता।
हे शिववामिनी शंकराणी नमामि
नमो मातु दुर्गे शिवानी नमामि।

 

डॉ नित्यानंद’नीरव’
दिल्ली
भारतीय साहित्य उत्थान समिति
8527846499

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