नवरात्रि की हार्दिक बधाई!!

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मुक्तक

नव निर्माण हुआ धरती का,
        उल्लासित हर प्राणी है ।
नई कोपलें हुईं प्रस्फुटित,
        रस मिश्रित मुख वाणी है ।।
नव सुगंध नव ओज पल्लवित,
          आई नवरात्री पावन;
नई दृष्टि नव सोच सुगन्धित,
        जागृत नवल कहानी है ।।

डॉ.पूर्णिमा राय,अमृतसर
drpurnima01.dpr@gmail.com

 

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