मैं हिन्दी हूँ (अर्विना गहलोत)हिन्दी दिवस14सितंबर2017

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मैं हिन्दी हूँ (अर्विना गहलोत)

कवि की कल्पना में मैं हूँ।
कबीर ने मुझे चाहा,रहीम ने मुझे पोसा ।
मैं खुसरो की पहेलियों और सूर के पदों में हूँ।
गिरधर की कुण्डली में, अलंकारो में बसती हूँ ,उपमाओं से सजती हूँ।

मैं हिन्दी हूँ।….
तुलसी के दोहों में छन्दो में ,चौपाई में मेरा स्थान है ऊँचा।
मैं रसखान की भाषा में झलकती हूँ,महादेवी की कविता में।
निराला के साहित्य में छलकती हूँ,।
परसाई के व्यंग्य में,हँसी बन कर खनकती हूँ।

मैं हिन्दी हूँ….
हरिवंश की मधुशाला में,गुप्त की पंचवटी में मैं हूँ।
प्रेमचंद के उपन्यास के पात्रों में जीवन्त हूँ।
व्यंजनो की व्यंजना में,विषेशण की विशेशता में।
मैं सजती हूँ संवरती हूँ ,मैं गद्यों में मैं पद्यों समाचारों में।
मैं हिन्दी हूँ….
मैं ईश्वर की कृपा में,सरगम के सात स्वरो में हूँ ।
गजलो में ,मैं भजनो में राष्ट्र के गान में मैं हूँ।
मैं हिन्दी हूँ।…

अर्विना गहलोत
पता D77 विधुत नगर एन टी पी सी दादरी
जिला गौतमबुद्ध नगर
ashisharpit01@gmail.com

 

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