डॉ.पूर्णिमा राय: शिक्षक एक राष्ट्रपिता-मेरे शिक्षक मेरा आदर्श (5सितंबर2017 विशेषांक)

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डॉ.पूर्णिमा राय: शिक्षक एक राष्ट्रपिता

गोद है बचपन की,
तेज है यौवन का
माता है बच्चे की,
पिता है राष्ट्र का।।

गुरु है विद्यार्थी का ,
निर्माता है भविष्य का
सूचक है संस्कृति का,
संरक्षक है साहित्य का।।

लय है कविता की,
गति है जीवन की
प्रवाह है नदिया का ,
माली है बगिया का।।

स्रोत है ऊर्जा की ,
सार है प्रेरणा की
आकांक्षा है प्रतिष्ठा की ,
शांति है ह्रदय की।।

जीत है सच्चाई की,
हार है बेमानी की
प्रेम है संसार का ,
आक्रोश है व्यभिचार का।।

(2003 में लिखी पहली कविता)

डॉ.पूर्णिमा राय
शिक्षिका एवं लेखिका
ग्रीन एवनियू,घुमान रोड,
तहसील बाबा बकाला,
मेहता चौंक,143114
अमृतसर,(पंजाब)
drpurnima01.dpr@gmail.com

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