राधे कृष्णा (माहिया छंद )by Dr.Purnima Rai

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राधे कृष्णा  (माहिया छंद) डॉ.पूर्णिमा राय

1)
राधा है दीवानी
बँसी बजाते हो
कान्हा क्यों मस्तानी!!
2)
राधे कृष्णा बोलो
जन्म सुधर जाये
कर्मों को भी तोलो!!
3)
दुख को हँसकर टालो
राधे कृष्णा की
महिमा मुख से गा लो!!
4)
बन्धन सब हैं कच्चे
जग झूठी माया
राधे कृष्णा सच्चे!!
5)
दुनिया मंगल गावै
राधे कृष्णा की
मोहक मूरत भावै!!
6) 
राधे कृष्णा हँसते
प्रभु की लीला से
हर दिल में हैं बसते!!
7)
राधा सुन्दर गोरी
नटखट मोहन के
दिल को करती चोरी!!
8)
मटकी फोड़े कृष्णा
गोपी ग्वालों की
मिट जाती सब तृष्णा
9)
राधा कहती कृष्णा
दूर न जा मुझसे
पूरी करदे तृष्णा!!
10)
कृष्णा की है राधा
राधे कृष्णा बिन
हर मानव भी आधा!!
डॉ.पूर्णिमा राय,अमृतसर(पंजाब)

drpurnima01.dpr@gmail.com

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3 COMMENTS

  1. कृष्णा की महिमा व कृष्ण – राधा के प्रेम के बहुत सुंदर माहिया । बधाई ।

  2. वाह ! माहिया छंद में कृष्ण लीला का सुंदर चित्रण ! बहुत खूब !

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