संगीता पाठक: भारतमाता की फरियाद (राखी और आज़ादी,विशेषांक-अगस्त 2017)

1
185

संगीता पाठक: भारतमाता की फरियाद(कविता)

मेरे वीर सपूतो मेरी फरियाद सुन लो।
मातृ भूमि की रक्षा का अब प्राण ले लो।

तुम पूजा करते आए हो मेरी बरसों से।
तुम राष्ट्रगान भी गाते आए हो बरसों से।
अबअपनी पूजा के सब अंदाज बदल दो,।
अर्चना करने के अपने सब साज बदल दो।

फूल चढ़ाओ मुझ पर गद्दारों के शीश के,
तिलक भी लगाओ अपने पाकीजा खून से।
मेरी आरती में वीर शहीदी ज्योत जले,
और दुश्मन पर विस्फोटो का प्रसाद हो।

कसम तुम्हें इस धरती और उस जन्नत की।
जन्म तुम्हारा हो इसकी मैने मन्नत की।
पाओगे प्रतिदान भी तुम सब पाओगे।
विजयी होकर हर्षित लौटकर आओगे।

न लौटे तो फिर भी कम नही पाओगे।
अपने हक के सभी तोहफे तुम पाओगे।
न जिये तो मौत को गले लगाओगे।
लाडले बेटे का सा नाम शहीद पाओगे।

चुनरी मेरे शीश की जो दुश्मन उडा़ ले जाएगा।
आत्मग्लानि में घुट-घुट कर तू वैसे ही मर जाएगा।
न तो मेरी गोदी में सर रख कर सो पाएगा,
भाइयों और बहनों की भी रक्षा नही कर पाएगा।

जाओ जाकर मिटा दो अपने दुश्मन की हस्ती।
मेरे दूध का मौल, तुम्हारी जिंदगी भी नही सस्ती।
वीरगति को प्राप्त हुये तो वीर सपूत कहलाओगे
विजयी होकर लौटे तो भारतभूमि पर मान पाओगे।।

संगीता पाठक,सहारनपुर
जन्म -बडौत
शिक्षा –एम.ए (हिन्दी)
निवास-“परमधाम” विष्णुधाम न्यू माधवनगर सहारनपुर।
रूचि–पढ़ना -लिखना ,गार्डनिंग,निटिंग,कुकिंग। लेखन विधा—-कविता,तांका ,गज़ल ,हाइकु ,गीत गज़ल, संस्मरण

 

Loading...
SHARE
Previous articleडॉ.सुषमा गुप्ता:कभी तो(राखी और आज़ादी ,विशेषांक-अगस्त2017)
Next articleडॉ. शील कौशिक: मोह के धागे (राखी और आज़ादी,विशेषांक-अगस्त 2017)
अचिन्त साहित्य (बेहतर से बेहतरीन की ओर बढ़ते कदम) यह वेबसाईट हिन्दी साहित्य--गद्य एवं पद्य ,छंदबद्ध एवं छंदमुक्त ,सभी प्रकार की साहित्यिक रचनाओं का रसास्वादन करवाने के साथ-साथ,प्रत्येक वर्ग --(बाल ,युवा एवं वृद्ध ) के पाठकों के हिन्दी ज्ञान को समृद्ध करने एवं उनकी साहित्यिक जिज्ञासा का शमन करने हेतु प्रयासरत है। हिन्दी भाषा,साहित्य एवं संस्कृति के विपुल एवं अक्षुण्ण भंडार में अपना साहित्यिक योगदान डालने,समाज एवं साहित्य के प्रति अपने दायित्व का निर्वाह करने हेतु यह वेबसाईट प्रतिबद्ध है। साहित्य,समाज और शिक्षा पर केन्द्रित इस वेबसाईट का लक्ष्य निस्वार्थ हिन्दी साहित्य सेवा है। डॉ.पूर्णिमा राय, शिक्षिका एवं लेखिका, अमृतसर(पंजाब)

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here