प्रमोद सनाढ्य ‘प्रमोद: झंडा हिंदुस्तान(राखी और आज़ादी,विशेषांक-अगस्त 2017)

0
185

 

प्रमोद सनाढ्य ‘प्रमोद: झंडा हिंदुस्तान(गीत)

मैं हिन्दू मैं सिक्ख ईसाई मै हीं मुसलमान हूँ
मन्दिर मस्जिद गुरुद्वारे के शिखर पे सजती शान हूँ

कहीं राम की रामायण मै, कहीं पे एक कुरान हूँ
लाल किले पर लहराता,मै झंडा हिंदुस्तान हूँ
विश्व वंदिता हिन्द धरा और मेरी अमर कहानी है
मेरा आँचल ओढ़ खड़ी माँ भारती भव्य भवानी है
मेरा दामन चूमा करते सरहद के सैनानी हैं
हिम शिख से भी ऊँची देखो मेरी ये पेशानी है
प्रजातंत्र की परिभाषा में मौलिक संविधान हूँ
लाल किले पर………..

अग्नि,अम्बर,सूरज सागर जहाँ पे पूजे जाते हैं
चाँद से करवा चोथ चाँद कोदेख के ईद मनाते हैं
पावन नीर की नदियों को भी माता कह के बुलाते हैं
मन्दिर मस्जिद गुरुद्वारा के दर पर शीश चढ़ाते हैं
मै बाइबल का पावन पन्ना गुरु-ग्रन्थ का मान हूँ
माधव ने जो दिया पार्थ को वो गीता का ज्ञान हूँ।
लाल किले पर……

प्रमोद सनाढ्य ‘प्रमोद’
सिविल इंजीनियर
पता:- “सत्यम्”गोकुल नगर,आर टी दी सी रोड,लालबाग’ नाथद्वारा
जिला:- राजसमंद(राज.)
मो.न.:- 919414232515

******************************************

Loading...
SHARE
Previous articleनीरजा मेहता:कलाई से कोहनी तक(राखी और आज़ादी,विशेषांक-अगस्त 2017)
Next articleप्रशान्त मिश्रा “मन”: राखियाँ(राखी और आज़ादी,विशेषांक-अगस्त 2017)
अचिन्त साहित्य (बेहतर से बेहतरीन की ओर बढ़ते कदम) यह वेबसाईट हिन्दी साहित्य--गद्य एवं पद्य ,छंदबद्ध एवं छंदमुक्त ,सभी प्रकार की साहित्यिक रचनाओं का रसास्वादन करवाने के साथ-साथ,प्रत्येक वर्ग --(बाल ,युवा एवं वृद्ध ) के पाठकों के हिन्दी ज्ञान को समृद्ध करने एवं उनकी साहित्यिक जिज्ञासा का शमन करने हेतु प्रयासरत है। हिन्दी भाषा,साहित्य एवं संस्कृति के विपुल एवं अक्षुण्ण भंडार में अपना साहित्यिक योगदान डालने,समाज एवं साहित्य के प्रति अपने दायित्व का निर्वाह करने हेतु यह वेबसाईट प्रतिबद्ध है। साहित्य,समाज और शिक्षा पर केन्द्रित इस वेबसाईट का लक्ष्य निस्वार्थ हिन्दी साहित्य सेवा है। डॉ.पूर्णिमा राय, शिक्षिका एवं लेखिका, अमृतसर(पंजाब)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here