डॉ.पूर्णिमा राय:भाई मेरा सबसे न्यारा(राखी और आज़ादी,विशेषांक-अगस्त 2017)

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डॉ.पूर्णिमा राय:भाई मेरा सबसे न्यारा

भाई मेरा सबसे न्यारा, मैं उसकी प्यारी बहना।
दूर कभी मत जाना भैया, मुझको बस इतना कहना।।

मात-पिता की सेवा करके, दुःख सभी तुम दूर करो।

प्रेम स्नेह की दौलत देकर,सुखों से झोली को भरो।

अपने अच्छे कर्मों से तुम , जगत अँधेरे को हरना।।

भाई मेरा सबसे न्यारा, मैं उसकी प्यारी बहना..।

लक्ष्मण जैसा भाई बनना, जिसने साथ निभाया था।

माँ सीता की खातिर जिसको नहीं राज सुख भाया था

देश-प्रेम का जज्बा रखकर बहनों की रक्षा करना।।

भाई मेरा सबसे न्यारा,मैं उसकी प्यारी बहना…..

स्वार्थ भरे सब रिश्ते नाते, रिश्ता अनुपम भाई का 

जो रोया था फूट-फूट कर जब था वक़्त विदाई का ।

झर-झर बहते आँसू कहते,सिर पर हाथ सदा रखना।।

भाई मेरा सबसे न्यारा, मैं उसकी प्यारी बहना….

डॉ.पूर्णिमा राय,
शिक्षिका एवं लेखिका
जन्म-तिथि–28दिसम्बर
योग्यता — एम .ए , बी.एड, पीएच.डी (हिंदी)
वर्तमान पता– ग्रीन एवनियू,घुमान रोड , तहसील बाबा बकाला , मेहता चौंक१४३११४,
अमृतसर(पंजाब)
ईमेल-drpurnima01.dpr@gmail.com

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