कैलाश सोनी सार्थकःबहना बुलाती है (राखी और आज़ादी,विशेषांक-अगस्त 2017)

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कैलाश सोनी सार्थकःबहना बुलाती है (गीत)
आजा भैया बहना रोज बुलाती है
एक महीने से तेरी महिमा गाती है
मेरा भैया सारे जग से है न्यारा
चंदा सूरज जैसे लगता है प्यारा
याद मुझे भैया की हर दिन आती है
आजा भैया बहना रोज बुलाती है..
बचपन बीता साथ साथ हम खेले हैं
दुख-सुख हम दोनों ने सँग में झेले हैं
बचपन की यादें वो याद दिलाती है
आजा भैया बहना रोज बुलाती है..
माना कि मैं पिछली बार न आई थी
सुनो बताऊँ घर में हुई लड़ाई थी
गुजरी बातें मन को ही तड़पाती है
आजा भैया बहना रोज बुलाती है..
माँ से कहना थोडा सा इंसाफ करे
हाल बुरा था कडकी थी अब माफ करे
तेरी चाहत लड़ना मुझे सिखाती है
आजा भैया बहना रोज बुलाती है..
कब आएगा खबर जरा तू दे देना
राखी का उपहार तुम्हीं से है लेना
प्रीत स्नेह से बहना याद दिलाती है
आजा भैया बहना रोज बुलाती है…

कैलाश सोनी सार्थक
हास्य व्यंग्य गीतकार
मो.8959794982
7987409298
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