कुमार गौरव “पागल”:आ जाना भैया(राखी और आज़ादी,विशेषांक-अगस्त 2017)

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कुमार गौरव “पागल”:आ जाना भैया
आ जाना भैया तुम अब की बार।
आया है देखो राखी का त्यौहार।
रास्ता देख रही है बहना, कोई बहाना अब न देना,
सजा के रखी हूँ थाल, अक्षत-लोरी से सजाऊँगी भाल,
रक्षा सूत हाथों में बांधकर, लुटाऊँगी अपना प्यार,
आ जाना भैया तुम अब की बार।
आया है देखो राखी का त्यौहार।
हर साल करती हूँ इंतज़ार, पर तू आया न इक बार,
सावन बरसाती नयना, नेह का नहीं कोई आसार,
चन्दा को दिया सन्देश, भेज रही हूँ तुझको तार,
आ जाना भैया तुम अब की बार।
आया है देखो राखी का त्यौहार।
तू देश का वीर जवान, सरहद का रक्षक महान,
मैं हूँ बेचारी बहना, सजाऊँ अरमानों का गहना,
तेरी सलामती के लिए, मैं माँगू दुआएं हज़ार,
आ जाना भैया तुम अब की बार।
आया है देखो राखी का त्यौहार।

कुमार गौरव ‘पागल’
जमशेदपुर, झारखण्ड।
पिता:- स्व. जगदीश प्रसाद सिंह
पता:- बारीडीह बस्ती, जमशेदपुर, झारखण्ड- 831017।
मो— 9955362825
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