अँजना बाजपेई: रेशम के धागों में (राखी और आज़ादी,विशेषांक-अगस्त 2017)

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अँजना बाजपेई: रेशम के धागों में 
रेशम के धागों में दुआयें गूंथ रही ,
राखी संग बहना तेरी , प्यार अपना भेज रही…
आँखों में आँसू है दिल में तेरी यादें है ,
भैय्या तुम दूर नहीं मुझसे येे संदेशा भेज रही …
पावन इस राखी में बचपन को पिरो के रखी ,
तेरी यादों के मोती से राखी सजाके रखी ,
संग देखे थे जो हमनेे सारे सपने वो भेज रही ..
तेरी लंबी उम्र की चाहत ,
तेरी मुस्कान, तेरी हँसी ,तेरी खुशियों की सारी मन्नत भेज रही
अपने सारे अरमान राखी संग भेज रही …
तेरे दिल के कोने में जरा सी जगह चाह रही तेरी खुशियों के सदके
मेरे वीरा के सदके स्नेहाशीष मांग रही
भैय्या तेरी बहना तुझे राखी भेज रही …

अँजना बाजपेई .
जगदलपुर (बस्तर )
छत्तीसगढ़..
अँजना बाजपेई
Anju123456654321@gmail.com
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