हृदय द्वार (गीत)

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हृदय द्वार( गीत)

एकबार खोल दो हृदय क् द्वार।
सुन लो जरा दिल की पुकार।

जल रहा अधर मेरा प्रतिपल।
आँसू से भरा नयन श्यामल।
घुल रहा साँस में विरह अनल।
सुना प्रेमराग,है ये कर्ण विकल।
अविरल बह बनके मलय बयार।।
एकबार खोल दो हृदय के द्वार।।

पीड़ा ही है मेरा चंदन।
नित लगा इसे होऊँ पावन।
बढ जाए जब तन-मन का कुढन,
“जूही”का दर्द घन जब हो सघन,
बन सूर्य निकल तू क्षितिज पार।।

एक बार खोल दो हृदय के द्वार।।

 

सुधा कुमारी जूही(शिक्षिका)
डी ए वी सी पब्लिक स्कूल
स्टील प्लांट विशाखापटनम
आंध्र प्रदेश,mob. 9963534132

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