पिया के रंग

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हाइकु’

पिया के रंग
रंगी मोरी चुनर
नैनो में वर।

झुके है सर
अब चल अम्बर
पिया के घर।

खूब सँवर
तकेगा दिलबर
तेरे हुनर।

अब सुधर
सकल भूलकर
रब ही कर।

भव सागर
भौतिकता नाचे है
चढ़ के सर।

भटके नर
मोह में फंसकर
हे! परवर।

है जर-जर
तन,मन पंजर
संताप हर।

कृपानिधान
एक तू ही महान
कृपा तू कर।


डॉ.यासमीन ख़ान,मेरठ

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