सावन बरस करत अभिषेक

1
368

सावन बरस करत अभिषेक”

काली घटाएं, शीतल पवन
रिमझिम वृष्टि, मुदित मन
सुरभित उपवन, आह्लादित जन
विकसित प्रसून, भीनी माटी सुगंध
बादलों की ओट में
खेलता आँख मिचौली सूर्य,
इंद्रधनुषी रंगों में
चमकता क्षितिज,
पंख फैला
उपवन में नाचता मयूर,
ये सब देख लगता
मानों सुरम्य “प्रकृति” का
सावन बरस करत अभिषेक।

एक ओर ख़ूबसूरत प्रकृति
दूजी ओर बाढ़ का क़हर
कहीं सूखे से विह्वल जन
कहीं लहलहलाते खेत
कहीं कृषक का खिन्न मन
कहीं छाई हरीतिमा
मानों “धरणी” का
सावन बरस करत अभिषेक।

रिमझिम वृष्टि में
प्रेम से हो जाते
सराबोर मन,
प्रेमी-प्रेमिका
विचलित होते
प्रिय की याद में,
लरजता, गरजता सावन
विरही प्रेमी के मन में
लगाता अगन,
पीहर आई पत्नी
प्रिय की याद में
कसमसाती
मानों “विरह वेदना” को
सावन बरस करत अभिषेक।

लाल चटक मेहंदी रचे हाथ
खनकती हरी-हरी चूडियाँ
उड़ती धानी चुनरिया
हिंडोले पर बढ़ती पेंगें
कजरी गीत
तीज का आनंद देख
लगता मानों
“सुंदर ललनाओं” को
सावन बरस करत अभिषेक।

सावन आता
भाई की याद दिलाता
बहन के प्यार को बढ़ाता
राखी से सजी कलाई
माथे पर टीका
देख-देख लगता मानों
भाई-बहन के पावन प्रेम पर
सावन बरस करत अभिषेक।

भगवान शिव की
आराधना को
अभिषिक्त करता सावन
बनता पुण्य का द्योतक,
हरिद्वार से गंगाजल
लाते लोग,
कांवड़ सेवा,
बेलपत्र, दुग्ध, दधि से
शिवलिंग का अभिषेक,
रोली, चंदन, अक्षत,
धूप, दीप, नैवेद्य
शंख, घंटाध्वनि
से आरती की गूँज,
चंहुँ ओर
सत्य, शिव, सुंदर
देख-देख लगता मानों
सावन बरस करत अभिषेक।

नीरजा मेहता

नीरजा मेहता,गाजियाबाद,दिल्ली

Loading...
SHARE
Previous articleएक बूँद सुधा रस
Next articleफूल टयूलिप का (चोका)by Dr.Purnima Rai
अचिन्त साहित्य (बेहतर से बेहतरीन की ओर बढ़ते कदम) यह वेबसाईट हिन्दी साहित्य--गद्य एवं पद्य ,छंदबद्ध एवं छंदमुक्त ,सभी प्रकार की साहित्यिक रचनाओं का रसास्वादन करवाने के साथ-साथ,प्रत्येक वर्ग --(बाल ,युवा एवं वृद्ध ) के पाठकों के हिन्दी ज्ञान को समृद्ध करने एवं उनकी साहित्यिक जिज्ञासा का शमन करने हेतु प्रयासरत है। हिन्दी भाषा,साहित्य एवं संस्कृति के विपुल एवं अक्षुण्ण भंडार में अपना साहित्यिक योगदान डालने,समाज एवं साहित्य के प्रति अपने दायित्व का निर्वाह करने हेतु यह वेबसाईट प्रतिबद्ध है। साहित्य,समाज और शिक्षा पर केन्द्रित इस वेबसाईट का लक्ष्य निस्वार्थ हिन्दी साहित्य सेवा है। डॉ.पूर्णिमा राय, शिक्षिका एवं लेखिका, अमृतसर(पंजाब)

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here