वीर एवं वीरांगनाएं (विशेषांक, जुलाई 2017) – माहिया

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 १* विभा रश्मि
बदायूँ,उत्तरप्रदेश
मोबाइल- 09414296536
ईमेल—vibharashmi31@gmail.com
 
कतरा कतरा दूँगा
1
कतरा कतरा दूँगा
माँ मैं  दुश्मन से
चप्पा चप्पा लूँगा ।
2
सरहद भी जागी है
सोयेगा ना वो
सैनिक अनुरागी है ।
3
सेना को मत भूलो
उछलो ऊँचा तुम
अम्बर को ही छू लो ।
4
हथियारों से यारी
फड़कन बाजू में
रण की है तैयारी ।
5
सैनिक मरते कब हैं
जान गवाँ कर वो
बनते हिस्सा रब हैं ।
6
टैंकों से  समर किये
अब्दुल से बेटे
मर कर अमर हुए  ।
7
सेना रीत निभाती
माँ वसुधा को भी
शौर्य कथा ही भाती ।
8
ध्वजा तिरंगा फ़हरे
विजयी हो लौटे
माँ के बेटे ठहरे ।
9
ज़िन्दा बच आया है
घायल साथी को
कांधे पे लाया है ।
10
सेना ने कूच किया
लो बिगुल बज रहा
वसुधा को मान दिया ।

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