कैली की कहानी (भाग 11,12एवं13)

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कैली की कहानी -11

कैली ने पति से कहा  कि अब वो राजा को बता दे कि बाग लग चुका है आकर फल खा सकते हैं ।नौजवान ने जा कर राजा से कहा महाराज!  बाग लग चुका है आकर फल खा लीजिए । आस पास के दस गांवों के लोग वहाँ सुबह अचानक उग आए इस बाग को देखने के लिए इकट्ठा हो चुके थे जब राजा बाग में पहुंचा । राजा हैरान रह गया । बाग ऐसे सुंदर फूलों और उत्तम मीठे फलों से भरा था जैसे न कभी किसी ने खाए थे न कभी देखे ही थे। राजा का मंत्री बहुत समझदार था उसने एक तरफ ले जा कर राजा को समझाया कि महाराज ये सब उस चमत्कारी सुंदरी का कमाल है,  पता नहीं वो कौन सी शक्ति रूपा हैं आप उसके लिए अपनी जिद्द छोड़ दो। परंतु वो कपटी सेवादार बोला नहीं महाराज अब तो ये सिद्ध हो गया है कि वो श्रेष्ठ है अतः वो आपके महल में ही होनी चाहिए उसकी शक्तियों का आपको बहुत लाभ होगा आप अजेय हो जाओगे । राजा फिर उसकी बातों में आ गया ।

       महल में पहुंच कर सेवादार ने कहा अब भी नौजवान सैनिक को शर्त में हराया जा सकता। सेवादार ने राजा के कान में कुछ कहा। राजा ने नौजवान सैनिक को फिर बुला भेजा । राजा ने सैनिक से कहा कि चूंकि तुम कुछ भी कर सकते हो तो मैं तुम्हें हुक्म देता हूँ कि मेरे दरबार  में  सात सोने के कलश खुद चल कर आएं और बातें करते हुए आएं।

कैली की कहानी -12

नौजवान फिर परेशान हाल घर पहुंचा । कैली ने कारण पूछा । नौजवान ने जब शर्त बताई तो कैली ने कहा कि ये भी हो सकता है । कैली ने एक पैर पर खड़ी रह कर नागराज पिता का स्तुति गान किया और उनके समक्ष प्रार्थना की । देखते ही वहाँ सात सोने के कलश प्रकट हुए और सात इच्छाधारी नाग भी प्रकट हुए वो सब इंसानों की तरह बातें कर रहे थे । सातों नाग सातों सोने के कलशों में बैठ ग्ए और अदृश्य हो गए । कलश महल की ओर चल पड़े और साथ साथ बातें करते हुए जाने लगे । लोग उन्हें देखने सड़कों गलियों पर उमड़ पड़े। घड़े ज़ोर ज़ोर से बातें कर रहे थे कि इस देश का राजा धूर्त है जाने वो कब मरेगा और जनता को चैन की साँस आएगी । लोग सोच रहे थे कि ये दिव्य कलश भगवान के भेजे हैं अब राजा के दिन भर गए । 

     जब कलश दरबार में पहुंचे तो राजा डर से कांपने लगा। उसने तुरंत नौजवान से कहा कि जल्दी से इन को मेरे सामने से ले जाओ।

 कैली की कहानी -13

नौजवान कलश लेकर चला गया । तब राजा ने सेवादार की ओर घूर कर देखा। सेवादार ने कहा कि महाराज बस आखिरी मौका दीजिए इसबार मैं जो कार्य बताऊंगा उसका वार खाली नहीं जाएगा ।इस काम को पूरा करते हुए ही वो नौजवान मारा जाएगा । राजा ने बताने का हुक्म दिया । जो कार्य इस बार सेवादार ने बताया वो सचमुच जान जोखिम में डालने वाला था । 

          नौजवान सैनिक को एक बार फिर दरबार में बुलाया गया।इस बार सैनिक के चेहरे पर मुस्कान थी। कैली ने अपने पति नौजवान सैनिक से कहा था कि राजा द्वारा दिए कार्य से तनिक न घबराए राजा के खिलाफ पूरी प्रजा हो चुकी है, अब राजा अपनी ख़ैर मनाए। घर- घर में  राजा के नौजवान पर किए जा रहे जुल्मों की कहानियों की चर्चा थी। 

                         सैनिक ने राजा को प्रणाम किया । राजा ने धूर्तता से मुस्कुराते हुए कहा कि सैनिक हम तुम्हारे किए सभी कार्यों से अति प्रसन्न हैं।तुम बहुत बुद्धिमान और तपस्वी मनुष्य हो। ईश्वर की तुम पर अपार कृपा है।इस बार हम तुम्हें कोई कार्य नहीं दै रहे बल्कि  ये हमारा तुमसे निवेदन है हे नौजवान!  तुम्हारा हम पर अहसान होगा अगर तुम स्वर्गलोक जा कर हमारे पूर्वजों का हाल चाल पता करके हमें बता दो।लड़के ने सोचा इस बार राजा गहरी चाल  चल रहा है। राजा ने पुनः कहा कि हमारे राज पुरोहित ने हमें  आज का मुहूर्त शुभ बताया है और इसके लिए मार्ग भी उन्होंने ही बताया है ।स्वर्गलोक जाने के लिए हम तुम्हारा जीते जी शमशान घाट में अंतिम संस्कार कर देंगे और सवा महीने में तुम हमारे पूर्वजों का हाल चाल पूछ कर लौट आना। 

          लड़के ने  राजा से कहा महाराज! क्योंकि मैं सवा महीने के लिए जा रहा हूँ तो मुझे मेरे परिवार मिल आने दीजिए । राजा ने  तुरंत आज्ञा दे दी  और साथ ही कुछ सैनिक भी भेज दिये ताकि नौजवान कहीं भाग न जाए।

Continue. ……

नवीन किरण ,अध्यापिका,करतारपुर,जालंधर

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