कैली की कहानी (भाग 7एवं 8)

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कैली की कहानी -7

सुबह माँ और बेटा जागे तो उन्हें घर काफी साफ सुथरा लगा।ढोल में रखा अनाज थोड़ा बढ़ गया था।कपड़े कब धोये मैंने,  माँ ने सोचा, शायद मेरी याददाश्त कभज़ोर हो गई है ।डिब्बे में आटा कुछ ज़्यादा है शायद कव बेटा लाया होगा।
                   दिन बीतने लगे। होनहार  लड़के को राजा की सेना में सिपाही की नौकरी मिल गई । पर माँ पुत्र सोच सोच कर अचंभित रहते कि उनके घर किसी वस्तु की कभी कोई कमी नहीं रहती। रोज़ रोज़ के चमत्कार कब तक छुपते , एक दिन लड़के ने रात भर जाग कर  इस रहस्य का पता लगाने की ठानी। 
                  काम से थका हारा होने के बावजूद लड़का जागता रहा । आधी रात के बाद उसने जो देखा उससे वो विस्मित रह गया । अनुपम सुंदरी कैली उसके घर आंगन को चार चांद लगा रही थी । घर के सब काम दुरुस्त करने के बाद कैली कुत्ते की खाल पहनने के  लिए आगे बढ़ी। नौजवान ने भाग कर खाल उठा ली। कैली चौंक गई ।लड़के ने सोचा कि ये इतनी चमत्कारी है कि मुझसे खाल छीन लेगी।लड़के ने हड़बड़ा कर कुत्ते की खाल पास ही जल रही आग में फेंक दी ।इससे पहले कुछ समझ आता खाल जल कर राख हो चुकी थी ।सुंदर कैली सर पकड़ कर ज़मीन पर बैठ गई ।उसकी आँखों से मोतियों समान आँसू बहने लगे।कैली ने नौजवान से कहा कि अगर आप आदेश करते कि खाल न पहनो तो मैं आपकी आज्ञा का पालन करती पर खाल जला कर आपने बहुत बुरा कर दिया है क्योंकि मुसीबत आने पर मैं खाल पहन कर स्वयं को छुपा सकती थी। पृथ्वी पर मेरी शक्तियां सीमित हैं अतः मैं कोई और रूप धारण नहीं कर सकूँगी । अब आप मेरे होने का सब को क्या उत्तर देंगे ।
            इस सब बातचीत से नौजवान की माँ जाग गई ।वो बिना कैली की असलियत जाने उसकी अपार सुंदरता पर बलिहारी जा रही थी ।उसे लगा उसका बेटा उसके लिए बहु लाया है।माँ एक भी शब्द नहीं सुनना चाहती थी। उसे सिर्फ कैली दिख रही थी और वो उसे बहु के रूप में पाकर निहाल हो गई थी ।नौजवान और कैली ने भी सारे रहस्यों पर पर्दा डालने के लिए माँ को मनमाफिक सोचने दिया।
                     माँ को इतना पता था कि उसकी बहू समान कोई सुंदर नहीं है इसलिए उसे छुपा के रखना है । माँ कैली को न तो घर से बाहर निकालती और न ही किसी को अपने घर आने देती।

कैली की कहानी -8 

 कैली स्वयं भी बहुत बुद्धिमती थी।वो सतर्कता से रहती थी।दिन बीतने के साथ साथ कैली की सास ने देखा कि उसकी बहू को सुंदर केश साफ रखने व संवारने में परेशानी होती है ।सास ने सोचा क्यों न मैं  एक बाल संवारने वाली स्त्री को कुछ पैसे देकर बुलवाऊं और वो कैली के बाल सप्ताह में एक बार  संवार जाया करे। 
                      एक स्त्री जो यही काम करती थी को बुलवाया गया। वो फूलों सी सुंदर कैली को देख कर हैरान रह गई । जब उसने कैली के बाल देखे तो उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं । उसने खरे सोने जैसे चमकते कोमल लम्बे बाल पहली बार देखे थे। बाल संवारने और बनाने के बाद उस स्त्री ने जो बाल कंघी में थे वो लपेट कर छुपा लिए। न कैली और न उसकी सास को  इस बात का कुछ पता नहीं चला । 
                उस स्त्री ने घर आकर वो बाल अपने पति को दिखाये ।उसका पति राजा के जहां उसके निजी सेवादार का काम करता था। राजा के बाल काटना ,दाढ़ी बनाना ,  नाखुन काटना, मालिश करना उसका काम था। राजा की सेवा टहल करते वो राजा के काफी करीब आ चुका था । जब उसकी पत्नी ने  सोने जैसे बाल दिखाए और कैली की सुंदरता का वर्णन किया तो उस सेवादार के मन में आया कि क्यों न इस अद्भुत सुंदरी के बारे में राजा को बताया जाए और इनाम पाया जाए।
Continue. …….
नवीन किरण,हिंदी अध्यापिका,करतारपुर जालंधर
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