बरसाने की गलियाँ

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पहले प्रेम या परमेश्वर


     (सन्तोषकुमार तिवारी)

जिज्ञासावश पूछा…
पहले परमेश्वर हुआ या प्रेम
बजाय उत्तर मिलने के
प्रतिप्रश्न हुआ…
तुम बताओ पहले पानी या बर्फ?

बरसाने की गलियों में
जब परमेश्वर टकराया
मैंने उसी से पूँछा..
सच सच बताना
तुमसे भी पुराना है प्रेम?
तुम तो परमेश्वर हो
क्या कभी पड़े इस झंझट में ?

पहले सवाल पर उन्होंने
गर्दन हिलाकर हामी भरी
और दूसरे पर सिर्फ़
मुस्कुरा कर आगे बढ़ गये|

उस बाँके ने खोल दिये सब राज़|
********************
(सन्तोषकुमार तिवारी)
*रामनगर…नैनीताल

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