साहित्यिक क्षेत्र में कलमकारों का मूल्यांकन

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साहित्यिक क्षेत्र में कलमकारों का मूल्यांकन
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‘मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच ( राष्ट्रीय साहित्यिक मंच ) भारतवर्ष ( ‘मगसम’ कार्यालय दिल्ली ) एवं ‘भारतीय साहित्य संगम पंचकूला’ द्वारा दिनांक 17 जून 2017 , दिन शनिवार को सांय 3 बजे से 7 बजे तक गीता मन्दिर , सेक्टर 11, पंचकूला के प्राँगण में दिल्ली ‘मगसम’ कार्यालय के राष्ट्रीय संयोजक श्री सुधीर सिंह ‘सुधाकर’ तथा डॉ० प्रतिभा माही ( जो कि ‘मगसम’ में पटियाला / मोहाली / चंडीगढ़ / पंचकूला / गुरुग्राम की संयोजिका हैं ) के नेतृत्व में
समारोह का आयोजन किया गया ।
श्री मति कंचन भल्ला ने मंच संचालन का कार्यभार सँभालते हुए राष्ट्रीय गान किया तथा श्री मति सतेन्दर त्रिखा ने अपनी मधुर आवाज़ में सरस्वती वन्दना कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। मुख्य अतिथि डॉ० विजय दत्त शर्मा ,निदेशक ( हरियाणा ग्रन्थ अकादमी ) तथा विशेष अतिथि श्री बी०डी०कालिया (वरिष्ठ साहित्यकार) व श्री अशोक भंडारी ‘नादिर’ ( वरिष्ठ क़लमकार) तथा अध्यक्ष श्री केदार नाथ (वरिष्ठ ग़ज़लकार/ साहित्यकार व समाजसेवी) के सानिध्य में उन कलमकारों / साहित्यकारों की रचनाओं का पाठ यहाँ उपस्थित ट्राईसिटी  के कवियों द्वारा कराया गया तथा उनकी रचनाओं का मूल्यांकन किया गया , जो भारतवर्ष के विभिन्न प्रान्तों से हैं किन्तु यहाँ इस समारोह में उपस्थित नहीं थे।
समारोह में श्री आर०एन०त्रिखा / श्री राजवीर सिंह ‘राज’ / श्री राजेश कुमार / श्री सतीश पॉपुलर /श्री विनोद पंकज / श्रीमति अमरजीत कौर ‘हृदय’ / श्रीमति मंजू बिसला / श्रीमति सुनीता सिंह / श्रीमति संगीता पुखराज / श्रीमति परमिन्दर सोनी / श्रीमति सुनीता धारीवाल व श्रीमति उर्मिल ‘सखी’ ने
रचनाओं का वाचन अपनी सुरीली व मनमोहक आवाज में कर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
राष्ट्रीय संयोजक श्री सुधीर सिंह ‘सुधाकर’ ने सभापति जी के निर्देशानुसार डॉ० प्रतिभा ‘माही’ को उत्तर भारत का ‘प्रभारी’ नियुक्त करने की घोषणा की तथा सम्मान पत्र देकर ‘शतकवीर सम्मान’ तथा ‘रजत प्रतिभा सम्मान’ से नवाज़ा।
तथा रचना वाचन करने वाले सभी कलमकारों को ‘अभिनन्दन रचना सम्मान’ से भी नवाज़ा गया।
डॉ० प्रतिभा माही द्वारा मंचासीन अतिथियों को ‘भारतीय साहित्य संगम पंचकूला’ स्मृति चिन्ह भेंट देकर विदाई सम्मान दिया गया। इस समारोह में सभी को एक नया अनुभव हुआ ,कार्यक्रम को एक नए रूप में देखकर सभी ने इसकी सराहना की और कहा कि इससे पहले ऐसा कार्यक्रम यहाँ ट्राइसिटी में पहले कभी नहीं हुआ। इस सबका श्रेय ‘मगसम’ को तथा सभापति जी को जाता है जो कि ‘मगसम’ के ‘बरगद’ हैं और हम सभी उनका आशीष व सानिध्य प्राप्त है।

डॉ० प्रतिभा ‘माही’ इन्सां
संयोजिका ‘मगसम’ (2690/2016)
( पटियाला / मोहाली / चंडीगढ़ / पंचकूला / गुरुग्राम )
संस्थापिका (भारतीय साहित्य संगम पंचकूला)

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5 COMMENTS

  1. बहुत बहुत बधाइयां ।
    किशन कबीरा , राजसमंद ,राजस्थान ।
    मोबाईल नंबर, 9414328661

  2. शुक्रिया बहुत ही खूबसूरत तरीके से आपने प्रस्तुत किया है

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