मेरी नमाज़ हो जाये by Dr.Purnima Rai

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#क्षणिकाएँ

1)

आँगन में
उग आई दीवार
तार-तार हुये
रिश्तों में अब
कैसे पनपे प्यार!!

2)
टूट गई है
जब से
स्नेह की डोर
चुप्पी छा गई
तबसे
मन के छोर
पर!!

3)
ए खुदा
काश!
तेरी बन्दगी से पहले
तेरी खुदाई को पूज लूँ
तो
मेरी नमाज़ हो जाये!

4)
आदतों का हुआ
जो गुलाम
कैसे सिर उठा पायेगा
बाँस की तरह!!

5)
सिक्कों की
खनक
से अधिक
है खूबसूरत
रिश्तों की
महक!

डॉ.पूर्णिमा राय,
अमृतसर(पंजाब)7087775713

drpurnima01.dpr@gmail.com

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